मुंबई 24 मार्च 2026 : Raj Thackeray ने Ashok Kharat मामले में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन विवरणों को पढ़कर वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस महाराष्ट्र की समृद्ध परंपराओं और महान व्यक्तित्वों पर गर्व किया जाता है, उसी राज्य में ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण कैसे मिल रहा है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा—“महाराष्ट्र को आखिर किस दिशा में ले जाया जा रहा है?”
राज ठाकरे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि इस तरह के मामलों में महिलाओं का शोषण हो रहा है और समाज में अंधविश्वास तथा सत्ता के लालच ने खतरनाक रूप ले लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत लाभ और राजनीतिक ताकत पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने राजनीति में बढ़ती अवसरवादिता पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले टिकट पाने की होड़, फिर चुनाव जीतने के लिए हर तरीका अपनाना, उसके बाद मंत्री पद की चाह और उसे बनाए रखने की जद्दोजहद—यह पूरी प्रक्रिया व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उनके अनुसार, सत्ता के लिए निष्ठा तक बेच दी जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस प्रकरण की निष्पक्ष और सख्त जांच कराएं। उन्होंने कहा कि अगर ‘दैवी शक्तियों’ के नाम पर और राजनीतिक संरक्षण के तहत महिलाओं का शोषण हो रहा है, तो इससे ज्यादा गंभीर बात और कोई नहीं हो सकती।
राज ठाकरे ने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगाई गई, तो महाराष्ट्र की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इस तरह के अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई नहीं होती, तब तक नेताओं को संतों और छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लेने का नैतिक अधिकार नहीं है।
