जालंधर 06 अप्रैल 2026 : मौसम विभाग द्वारा अगले 3-4 दिनों के लिए जारी किए पूर्वानुमान के मुताबिक मौसम का मिजाज लगातार बदलता हुआ नजर आएगा। इसी क्रम में 2 दिन के लिए ऑरेंज जबकि 1 दिन के लिए यैलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में पंजाब के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। जो घटनाक्रम चल रहा है उसके मुताबिक बीच में तेज धूप निकल आती है और कुछ घंटों बाद बारिश हो जाती है। इसी के चलते अगले कुछ दिनों के लिए बारिश की संभावना जताई गई है।
7-8 अप्रैल को रहेगा ऑरेंज अलर्ट
इस पूर्वानुमान के मुताबिक 6 अप्रैल को यैलो अलर्ट रहेगा जिसके चलते पंजाब के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं, 7-8 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट रहेगा जिसका प्रभाव जालंधर व आसपास के जिलों में भी रहेगा। वहीं 9 अप्रैल के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना बन रही है। कई जिलों में बारिश के साथ तूफान आने का भी अनुमान जताया गया है, वहीं मूसलाधार बारिश का अलर्ट होने पर सावधान रहने की एडवाइजरी जारी की गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि इस दौरान ओलावृष्टि होने की भी संभावना है क्योंकि पंजाब में मौजूदा समय में चल रहा मौसम कई तरह के बदलाव का संकेत दे रहा है। इसका ताजा उदाहरण पिछले रोज हुई ओलावृष्टि के दौरान सामने आया था। गत रोज तेज ओलावृष्टि हुई थी व मौसम को देखकर ऐसा प्रतित नहीं हो रहा था कि पंजाब में ओले पड़ सकते हैं। एकाएक हो रहे बादलाव के चलते ओलावृष्टि की संभावना को मुख्य रखना चाहिए। इस समय पंजाब के कई जिलों में अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सैल्सियस के आसपास पास बना हुआ है जोकि सामान्य गर्मी की सीमा से नीचे है। इसी क्रम में न्यूनतम तापमान 18-20 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। विभागीय जानकारों का कहना है कि 3 दिनों के बाद आकड़ों में बदलाव हो सकता है।
तापमान में गिरावट से राहत, किसानों के लिए चिंता
गत रोज अचानक बदले मौसम से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत चिंता में बदल गई है। गत रोज पंजाब के विभिन्न जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसके चलते जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और आसपास के क्षेत्रों में फसलों को नुक्सान होने की बातें सामने आ रही हैं। खासकर पकने की स्थिति में गेहूं की फसल पर ओलों की मार पड़ी है। हवाओं के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को झुका दिया है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ तो नुक्सान और बढ़ सकता है।
