चंडीगढ़, 9 फरवरी 2026 : पंजाब की खेल विरासत को बहाल करके नशों को खत्म करने के दृढ़ संकल्प के तहत भगवंत मान सरकार ने आज पंजाब क्रिकेट लीग (PCL) की शुरुआत को मंजूरी दे दी है। इस लीग के तहत खेलों को केवल आउटरीच प्रोग्राम के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप के रूप में देखा जाएगा।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तरह जिला और क्षेत्रीय स्तर पर टीमों का निर्माण किया जाएगा और इसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) व पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इस लीग का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें तैयार करना और पेशेवर मार्ग पर ले जाना है। साथ ही इसका उद्देश्य खेलों में जिला और राज्य स्तर की लीगों का व्यापक इको-सिस्टम स्थापित करना है, ताकि प्रदेश के युवाओं को नशों से दूर रखते हुए अनुशासन, नए अवसर और राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व की ओर प्रेरित किया जा सके।
मीटिंग में लिए गए कुछ फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज चंडीगढ़ में खेल और युवक सेवाएं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की गई, जिसमें पूरे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया गया। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे एक स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने में अपना अधिकतम योगदान दें। सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और युवाओं को खेल मैदानों से जोड़ने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं।”
खेल विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पूरे प्रदेश की युवा प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन और BCCI के सहयोग से पंजाब क्रिकेट लीग कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहलें विश्व क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा, “इमरान खान और अर्जुन राणातुंगा जैसे क्रिकेटरों ने ऐसी पहलों के जरिए विश्व क्रिकेट को कई प्रसिद्ध खिलाड़ी दिए हैं और यह लीग पंजाब को क्रिकेट प्रतिभा की नर्सरी के रूप में उभारने में बहुत मदद करेगी।”
प्रस्तावित लीग ढांचे के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लीग IPL की तरह आयोजित की जाएगी और टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए सभी जिलों और भौगोलिक क्षेत्रों जैसे माज्हा, दोआबा और मालवा के आधार पर टीमों का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लीग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट टूर्नामेंटों के लिए क्रिकेटरों का प्रतिभाशाली पूल तैयार करने में मदद करेगी।
साथ ही उन्होंने पूरे प्रदेश में अन्य खेलों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, खो-खो और कबड्डी जैसी खेलों के लिए भी जिला और राज्य स्तर के लीग टूर्नामेंट कराए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार अच्छे प्रशिक्षित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी पैदा करने के लिए ठोस अभियान पर काम कर रही है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक पंजाबी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।
पंजाब की समृद्ध खेल विरासत के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभा का खजाना है और सरकार इसे बढ़ने-फूलने में मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में असीम खेल प्रतिभा है और राज्य सरकार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लेकर देश के लिए पदक जीतने के योग्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को आगे बढ़ने और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए सही दिशा प्रदान करते हैं, जिससे हमारे युवा ऊँचाइयों को छू सकें और अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा को निखार सकें। भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि सरकार खेलों के क्षेत्र में प्रदेश की प्राचीन शान को बहाल करने के लिए दृढ़ है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार खेलों में पंजाब की शान को सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।
