जालंधर 10 अप्रैल 2026 : पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ली है। एक तरफ गेहूं की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार है, तो दूसरी तरफ भारी बारिश और आंधी-तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल अब भीगने लगी है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बन गई है।
एक्सपर्ट्स की चेतावनी: नुकसान का बढ़ता खतरा
खेतीबाड़ी माहिर डॉ. नरेश गुलाटी ने कहा कि इस समय बारिश किसानों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं का दाना अब पूरी तरह पक चुका होता है और कटाई का समय भी आ गया है। ऐसे में बारिश से दाने की क्वालिटी और पैदावार दोनों पर असर पड़ता है।
खेतों में पानी भरने और अंकुरण की समस्या
बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। जहां पानी निकलने की सही सुविधा नहीं होती, वहां फसल लंबे समय तक भीगी रहती है। इससे गेहूं के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे बाजार में कीमत काफी कम हो जाती है।
