13 अप्रैल 2026* पंजाब में फसल के दाने सिकुड़ने की समस्या ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे उनकी उपज और आमदनी पर असर पड़ने की आशंका है। इस स्थिति के चलते मंडियों में फसल की खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार हाल ही में बदले मौसम और बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। दानों के सिकुड़ने से उनका वजन कम हो गया है, जिससे किसानों को उचित कीमत मिलने में दिक्कत आ रही है।
किसानों का कहना है कि वे पहले ही मौसम की मार झेल चुके हैं और अब इस समस्या ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। कई किसानों ने बताया कि मंडियों में उनकी फसल को गुणवत्ता के आधार पर तुरंत स्वीकार नहीं किया जा रहा, जिससे उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति में सरकार को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए और खरीद प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए। साथ ही फसल के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
मंडी अधिकारियों का कहना है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार ही फसल की खरीद कर रहे हैं और गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि किसानों को जल्द से जल्द राहत देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इस समस्या का असर केवल किसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे कृषि तंत्र पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता, तो उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है।
कुल मिलाकर फसल के दाने सिकुड़ने की समस्या ने किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है और वे सरकार से त्वरित राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
