अमृतसर 09 फरवरी 2026 : जिला के कई स्कूलों में फर्जी विद्यार्थियों की भर्ती का गौरखधंधा जोरों पर चल रहा है। विभिन्न परीक्षाओं में नकल करवा कर अच्छे अंक हासिल करने के लिए कई विद्यार्थियों द्वारा स्कूलों की मिलीभगत से चोरी-छिपे दाखिले लिए गए हैं। इन दाखिलों में कई स्कूल मुखियों और अध्यापकों की सेटिंग शामिल है। ये विद्यार्थी पूरा साल स्कूल नहीं आते व अब विभिन्न कक्षाओं की शुरू होने वाली परीक्षाओं में रैगूलर विद्यार्थी के रूप में परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे। यदि विभाग इस मामले की गंभीरता से जांच करवाए तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
जानकारी के अनुसार लंबे समय से स्कूलों में फर्जी विद्यार्थियों की भर्ती का काम धड़ल्ले से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा अब तक इस गंभीर मुद्दे की कोई जांच नहीं करवाई गई है। जिले के स्कूलों द्वारा रैगूलर रूप से भर्ती किए गए विद्यार्थियों को स्कूल आने से विशेष छूट दी जाती है व जब परीक्षाएं होती हैं, तब संबंधित विद्यार्थियों को रैगूलर विद्यार्थी के रूप में पेशकर पेपर दिलवाए जाते हैं। कई स्कूलों द्वारा जहां इस फर्जी एंट्री के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों से मनमाने पैसे लिए जा रहे हैं, वहीं कई अध्यापक अपने रिश्तेदारों व नजदीकियों के बच्चों को विशेष छूट देकर फर्जी एंट्री का लाभ दे रहे हैं।
इन विद्यार्थियों को जहां स्कूल न आने की छूट होती है, वहीं परीक्षाओं में भी इन्हें विशेष सुविधाएं देकर परीक्षा दिलवाई जाती है। एक ओर जहां विद्यार्थी पूरे साल स्कूल आकर मेहनत से परीक्षा देते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे फर्जी विद्यार्थी सिर्फ परीक्षाओं के दौरान ही दिखाई देते हैं और कुछ स्कूल मुखियों व अध्यापकों की मेहरबानी से बिना मेहनत लाभ उठा लेते हैं।
विभाग के अनुसार अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्कूलों की जो जांच की जाती है, उसमें कई बार रैगूलर रूप से हाजिरी रजिस्टर की जांच की जाती है। यदि कभी कोई फर्जी एंट्री वाला विद्यार्थी फंसने लगता है तो उस दिन उसकी छुट्टी लगा दी जाती है व 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्शाकर परीक्षा में बैठा दिया जाता है।
