मुंबई 20 फरवरी 2026 : राज्य सड़क परिवहन (एसटी) के बेड़े में जल्द ही 8,300 नई बसें शामिल होने जा रही हैं। कोविड से पहले एसटी के पास करीब 18-19 हजार बसें थीं, लेकिन 2024 के अंत तक यह संख्या घटकर लगभग 12,600 रह गई। अब सरकार की नई योजनाओं के चलते एक बार फिर यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है।
महिलाओं को टिकट में 50% छूट और 75 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से एसटी में सफर करने वालों की संख्या बढ़ी है। फिलहाल रोजाना करीब 50 लाख यात्री एसटी से सफर कर रहे हैं, लेकिन कई रूटों पर बसों की कमी महसूस हो रही है।
Pratap Sarnaik ने बताया कि एसटी का रोजाना खर्च 34-35 करोड़ रुपये है, जबकि आय करीब 33 करोड़ रुपये ही है, जिससे प्रतिदिन 1 से 1.5 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
पहले चरण में 8,300 नई बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 3,000 बसें ‘3×2’ सीटिंग वाली 55 सीटर होंगी, जिन्हें ‘राजमाता जिजाऊसाहेब’ नाम दिया जाएगा और ये व्यस्त शहरों के बीच चलेंगी। इसके अलावा 5,000 साधारण बसें, 100 मिडी बसें (दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों के लिए) और 200 आधुनिक बसें भी खरीदी जाएंगी।
सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 20 से 25 हजार बसें खरीदने का है। नई बसों के शामिल होने के बाद रोजाना 70 से 75 लाख यात्रियों को सेवा देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे एसटी की आय बढ़ेगी और संस्था आर्थिक रूप से मजबूत होगी।
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी, ज्यादा फेरे और बेहतर सुविधाओं के साथ ‘लाल परी’ एक बार फिर नए जोश के साथ सड़कों पर दौड़ने को तैयार है।
