पुणे 29 दिसंबर 2025 : शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के गुट के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में अब दोनों गुट मिलकर चुनाव लड़ेंगे। रोहित पवार ने बताया कि “पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महापालिकाओं में दोनों राष्ट्रवादी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। एबी फॉर्म के बाद सीटों का बंटवारा स्पष्ट होगा। हमने कार्यकर्ताओं से चर्चा कर तुतारी चिन्ह पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है, जबकि अजित पवार का गुट अपने चिन्ह पर लड़ेगा।”
पिंपरी-चिंचवड़ की जिम्मेदारी अमोल कोल्हे और पुणे की जिम्मेदारी रोहित पवार के पास होगी। एबी फॉर्म के वितरण के बाद तुतारी और घड़ियाल चिन्हों पर सीटों का बंटवारा होगा। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पुणे महापालिका में सत्ता में रहने वालों ने काम नहीं किया। उन्होंने प्रशांत जगताप के कांग्रेस में प्रवेश पर भी टिप्पणी की और कहा कि “प्रशांत जगताप अच्छे कार्यकर्ता थे, लेकिन उनका पार्टी छोड़ने का कारण अलग है।”
अदानी से जुड़े विवाद का जवाब:
गौतम अदानी के हस्ते बारामती में शरद पवार एआई सेंटर का उद्घाटन हुआ। इस पर रोहित पवार ने कहा, “हमने टाटा से मिले, अदानी से मिले, ये लोग सीएसआर के माध्यम से मदद करते हैं। उनकी मदद हम लेते हैं, यह राजनीति के लिए नहीं था।”
जागाओं का बंटवारा:
राष्ट्रवादी कांग्रेस में शरद पवार के गुट को 35-40 सीटें और अजित पवार के गुट को बाकी सीटें देने पर चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक पूर्ण सहमति नहीं बनी है। रविवार रात को फिर बैठक हुई और सोमवार को आधिकारिक घोषणा के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
इस बीच, पुणे महापालिका के लिए कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी की बैठक कांग्रेस भवन में हुई। इसमें सीटों का बंटवारा तय हुआ: कांग्रेस 80 सीटें लेगी, मित्रपक्षों को 15 सीटें दी जाएंगी, और ठाकरे की शिवसेना को 65 सीटें मिलेंगी। शिवसेना यूबीटी अपने कुछ सीटें मनसे को देगी।
