22 फरवरी 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारतीय मूल के अनगिनत खिलाड़ी अपने-अपने देशों का नाम रोशन कर रहे हैं और यह भारतीयता की पहचान है क्योंकि वे जहां भी जाते हैं भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं और जिस जगह पर वे रहते और काम करते हैं उसके विकास में योगदान देते हैं। अपने मासिक ‘मन की बात’ रेडियो संबोधन में मोदी ने कहा कि भारतीय मूल के कई खिलाड़ी उन देशों का नाम रोशन कर रहे हैं जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं और यह मौजूदा टी20 विश्व कप में साफ दिखाई दे रहा है। मोदी ने कहा, ”मैं अक्सर कहता हूं, ‘जो खेलता है, वही खिलता है’। खेल हमें एकजुट भी करते हैं। इन दिनों आप टी20 विश्व कप के मैच देख रहे होंगे और मुझे पूरा यकीन है कि मैच देखते समय कई बार आपकी नजर किसी खास खिलाड़ी पर टिकी होगी।”
उन्होंने कहा, ”जर्सी किसी और देश की होती है लेकिन नाम सुनते ही लगता है कि यह व्यक्ति हमारे देश का है। फिर दिल के किसी कोने में हल्की सी खुशी होती है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि ये भारतीय मूल के खिलाड़ी उन देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां उनके परिवार बसे हैं। वे अपने-अपने देशों की जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं और पूरे दिल से अपनी टीमों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मोदी ने बताया कि टी20 विश्व कप में खेलने वाली सभी टीम में कनाडा में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था, नवनीत धालीवाल चंडीगढ़ से हैं और इस सूची में हर्ष ठाकर और श्रेयस मोवा जैसे कई नाम शामिल हैं जो ना केवल कनाडा बल्कि भारत का भी गौरव बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिकी टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो भारतीय घरेलू क्रिकेट से निकले हैं और कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीम के लिए भी खेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई के सौरभ, दिल्ली के हरमीत सिंह और मिलिंद कुमार, सभी अमेरिकी टीम की शान हैं। मोदी ने कहा कि ओमान टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहले भारत के अलग-अलग राज्यों के लिए खेल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करण, जय और आशीष जैसे खिलाड़ी ओमान क्रिकेट को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के खिलाड़ी न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और इटली की टीम का भी हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ”भारतीय मूल के ऐसे अनगिनत खिलाड़ी हैं जो अपने-अपने देशों का गौरव बढ़ा रहे हैं और वहां के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। यही भारतीयता की पहचान है। भारतीय जहां भी जाते हैं वे अपनी मातृभूमि की जड़ों से जुड़े रहते हैं और अपनी ‘कर्मभूमि’, यानी जिस देश में वे रहते और काम करते हैं, उसके विकास में योगदान देते हैं।”
