नागपुर 11 जनवरी 2026 : एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को मुस्लिम समुदाय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत और महाराष्ट्र में हर समाज और धर्म का राजनीतिक प्रतिनिधित्व है, लेकिन मुस्लिम समुदाय केवल मतदाता बनकर रह गया है। ओवैसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगे भी मुस्लिम सिर्फ वोटर बनकर रहे, तो उनके घरों पर बुलडोजर चलना तय है।
मुस्लिमों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि यह चुनाव अपने समाज का नेतृत्व खड़ा करने का सुनहरा मौका है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल मतदाता बने रहने से मुस्लिम युवाओं पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल भेजा जाता है, शिक्षा से वंचित रखा जाता है और सम्मान नहीं मिलता। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिमों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, इसलिए अपने मतदान अधिकार का उपयोग कर समाज के अच्छे नेतृत्व को चुनना जरूरी है।
भाजपा की ‘टीम बी’ होने के आरोपों को खारिज करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे ऐसे आरोपों का जवाब देते-देते थक चुके हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में भाजपा को हराने के लिए उन्होंने पांच सीटें मांगी थीं, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सीटें नहीं दीं। ओवैसी ने कहा कि हर चुनाव में सेक्युलरिज्म खतरे में होने का नारा देने वाले ही सबसे ज्यादा खतरनाक हैं, जिन्होंने लगातार मुस्लिम नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि मोदी ने अजित पवार, एकनाथ शिंदे, नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के साथ मिलकर वक्फ विरोधी कानून लाया। उन्होंने आशंका जताई कि इस कानून के जरिए वक्फ की जमीनें छीनी जा सकती हैं या उनका अस्तित्व खत्म किया जा सकता है। ओवैसी ने यह भी कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत-विरोधी नीतियों पर मोदी और भाजपा चुप हैं, जबकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद करने वाले चीन को आज रेड कार्पेट बिछाकर निवेश के लिए बुलाया जा रहा है।
