12 अप्रैल 2026 : सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। बलिया पहुंचे राजभर ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें उनके आजमगढ़ से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। उन्होंने साफ कर दिया है कि 2027 के महाकुंभ में वह अपनी पारंपरिक सीट जहूराबाद (गाजीपुर) से ही चुनावी मैदान में उतरेंगे।
‘अब्बास अंसारी सपा के थे, हमारे नहीं’
मऊ सदर से विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को लेकर राजभर ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि अब्बास अंसारी असल में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे, हमने तो सिर्फ अपना सिंबल दिया था। अब जब हम एनडीए (NDA) का हिस्सा हैं, तो 2027 में उन्हें सिंबल देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
आजमगढ़ को लेकर सपा पर तीखा हमला
आजमगढ़ को सपा का गढ़ कहे जाने पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि वहां किसी एक जाति का नहीं, बल्कि सर्वसमाज (ब्राह्मण, राजपूत, यादव, राजभर, चौहान, निषाद आदि) का निवास है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को वोट देकर आजमगढ़ की जनता अपना नुकसान कर रही है। राजभर ने अपील की कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए जनता को एकजुट होना होगा।
‘सपा के सपनों को श्मशान पहुंचा देंगे मेरे विधायक’
2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के दावों पर राजभर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सपा मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है। राजभर ने हुंकार भरते हुए कहा कि उनके पांचों विधायक मिलकर सपा के सत्ता में आने के सपने को कंधा देंगे और उसे श्मशान घाट तक पहुंचा देंगे।
बिहार की राजनीति पर भी बोले
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली कूच की चर्चाओं पर राजभर ने कहा कि इससे बिहार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनके जाने के बाद जो भी आएगा, वह उनसे बेहतर काम ही करेगा। राजभर के इस बयान के बाद अब गाजीपुर और आजमगढ़ के सियासी गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। देखना दिलचस्प होगा कि सपा इस श्मशान वाले तंज पर क्या पलटवार करती है।
