मुंबई 05 मार्च 2026 : राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब लगभग विराम लग गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि अब दोनों दलों के विलय का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि यह चर्चा पहले अजित पवार के आग्रह पर शुरू हुई थी, लेकिन उनके निधन के बाद यह पूरी तरह ठप पड़ गई।
जयंत पाटिल ने कहा कि अब ऐसा कोई नेता नहीं बचा जो दोनों पक्षों की भावनाओं को समझ सके, इसलिए भविष्य में भी विलय की कोई संभावना नजर नहीं आती। उनके इस बयान के बाद दोनों राष्ट्रवादी गुटों के एक होने की अटकलों पर लगभग पूर्ण विराम लग गया है।
अजित पवार के निधन के बाद प्रक्रिया रुकी
बताया जा रहा था कि अजित पवार दोनों राष्ट्रवादी गुटों को एक करने की कोशिश कर रहे थे। जिला परिषद चुनाव में भी राष्ट्रवादी (शरद पवार) गुट के उम्मीदवारों ने अजित पवार गुट के ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा था। लेकिन अजित पवार के अचानक निधन के बाद यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व संभालने के बाद भी इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया था, जिससे दोनों दलों के विलय को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
राज्यसभा सीट पर शरद पवार का नाम तय
इस बीच महाविकास आघाड़ी ने राज्यसभा की सातवीं सीट के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए यह सीट महाविकास आघाड़ी के खाते में आना तय माना जा रहा है, जिससे चुनाव के निर्विरोध होने की संभावना बढ़ गई है।
सातवीं सीट को लेकर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के बीच खींचतान चल रही थी। हालांकि बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार, विधान परिषद में कांग्रेस के नेता सतेज पाटिल और सुप्रिया सुळे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राज्यसभा चुनाव में शरद पवार ही महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार होंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में संसदीय राजनीति में 60 साल पूरे करने वाले शरद पवार तीसरी बार राज्यसभा के लिए भेजे जा सकते हैं।
