मुंबई 10 जनवरी 2026 : देश की सबसे लंबी भूमिगत मेट्रो 3 और नवी मुंबई एयरपोर्ट पर भारी शुल्क के कारण इंटरनेट और नेटवर्क सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, मेट्रो में 1410% तक अधिक शुल्क होने के कारण यात्रियों को पूरे मार्ग में नेटवर्क और डेटा नहीं मिल पा रहा है।
भुयारी मेट्रो की स्थिति:
मेट्रो 3 आरे JVL-R BKC-कॉफ परेड रूट पर 33 किमी और 27 स्टेशनों के बीच चलती है। स्टेशन टिकट काउंटर पर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRCL) द्वारा वाई-फाई सुविधा दी गई है, जिससे टिकट लेना आसान है, लेकिन पूरे यात्रा के दौरान नेटवर्क और डेटा उपलब्ध नहीं है। इसका कारण बेहद उच्च शुल्क बताया गया है।
सौदी अरेबिया की एसेस इन्फ्रा कंपनी को नेटवर्क सुविधा के लिए नियुक्त किया गया था, जिसकी लागत 118–120 करोड़ रुपये बताई गई थी। कंपनी ने प्रत्येक मोबाइल सेवा प्रदाता से 13 लाख रुपये प्रति स्टेशन शुल्क मांगा। हालांकि मोबाइल कंपनियों का दावा था कि उचित शुल्क अधिकतम 30 लाख रुपये होना चाहिए। इसके बाद एसेस इन्फ्रा ने शुल्क 5.5 लाख रुपये प्रति स्टेशन कर दिया, जबकि कंपनियों के अनुसार उचित दर केवल 39 हजार रुपये प्रति स्टेशन और 10% प्रबंधन शुल्क होना चाहिए। इस अत्यधिक शुल्क (1410% अधिक) के कारण नेटवर्क की सुविधा रुकी हुई है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट की समस्या:
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर भी इसी तरह की स्थिति है। अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग लिमिटेड (AAHL) ने नेटवर्क सेवा के लिए मोबाइल कंपनियों से 92 लाख रुपये मासिक शुल्क मांगा, जबकि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर यह शुल्क क्रमशः 15–20 लाख और 45 लाख रुपये है। इस दुपट्टे दर के कारण कंपनियां वहां सेवा देने को तैयार नहीं हैं। मोबाइल ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने केंद्रीय दूरसंचार विभाग से सहयोग मांगा है।
निष्कर्ष:
भारी शुल्क की वजह से मेट्रो और एयरपोर्ट पर नेटवर्क सुविधाओं का बेजा प्रभाव पड़ा है। यात्रियों को अब भी डेटा और इंटरनेट सेवा मिलने में देरी हो रही है।
