• Mon. Feb 2nd, 2026

MSME को मिली राहत, हरियाणा बनेगा देश का नया मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस

सोनीपत 02 फरवरी 2026 केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 में उद्योग और एम.एस.एम.ई. सैक्टर को लेकर की गई घोषणाएं हरियाणा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती हैं। खासकर 10,000 करोड़ रुपए के एम.एस.एम.ई. ग्रोथ फंड, सरकारी खरीद में एम.एस.एम.ई. की भागीदारी बढ़ाने, टैक्सटाइल सैक्टर के लिए नई स्कीमों और माइक्रो इंटरप्राइजेज को लिक्विडिटी सपोर्ट देने जैसे फैसले राज्य के छोटे, मंझोले और उभरते उद्योगों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं।

हरियाणा पहले से ही ऑटोमोबाइल, टैक्सटाइल, आई.टी., लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसैसिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति रखता है। अब बजट में किए गए प्रावधानों से गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक और अंबाला जैसे औद्योगिक क्लस्टर्स में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

आम बजट में भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एम.एस.एम.ई. ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा की गई है, जिसमें 30 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। यह फंड उन एम. एस.एम.ई. इकाइयों को टार्गेट करेगा जो विस्तार करना चाहती हैं, नई तकनीक अपनाना चाहती हैं या वैश्विक बाजार में कदम रखना चाहती हैं। हरियाणा के एम.एस.एम.ई. सैक्टर की सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय से वर्किंग कैपिटल की कमी, महंगे कर्ज और बैंक गारंटी की जटिल शर्तें रही हैं। नया ग्रोथ फंड इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक इससे माइक्रो और स्मॉल यूनिट्स मीडियम लैवल तक पहुंच सकेंगी जो रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे हरियाणा देश का अगला मैन्यूफैक्चरिंग पावरहाऊस बनेगा।

सरकारी खरीद में एम.एस.एन.ई. की हिस्सेदारी बढ़ेगी
बजट में एम.एस.एम.ई. से सरकारी खरीद बढ़ाने का साफ संकेत दिया गया है। इसका सीधा फायदा हरियाणा की उन हजारों इकाइयों को मिलेगा जो पहले बड़े कॉर्पोरेट्स से मुकाबले में पिछड़ जाती थीं। हरियाणा में ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, टैक्सटाइल, पैकेजिंग और इलैक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी एम.एस.एम.ई. इकाइयां सरकारी टैंडर से जुड़कर स्थिर ऑर्डर बुक हासिल कर सकेंगी। इससे नकदी प्रवाह सुधरेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

टैक्सटाइल सैक्टर को नई उड़ान, पानीपत को मिलेगा सीधा फायदा
बजट में टैक्सटाइल सैक्टर के लिए 3 बड़ी स्कीमों का ऐलान किया गया है जिनमें नैशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर स्कीम, एडवांस्ड फाइबर स्कीम शामिल हैं। इसके साथ ही नैशनल हैंडलूम पॉलिसी के जरिए कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता देने की बात कही गई है। हरियाणा का पानीपत टैक्सटाइल हब, जो हैंडलूम, होम फर्निशिंग और एक्सपोर्ट के लिए जाना जाता है, इन योजनाओं से सबसे अधिक लाभान्वित होगा। नई फाइबर टैक्नोलॉजी और डिजाइन सपोर्ट से यहां के उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति बना सकेंगे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर रिएक गारंटी फंडः निजी निवेश को मिलेगा भरोसा 

बजट में प्राइवेट डिवैल्पर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गांरटी फंड की घोषणा की गई है जिसमें सरकार पार्शियल गारंटी देगी। यह कमद खासतौर पर हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्यों के लिए अहम है, जहां निजी निवेशक अक्सर जोखिम को लेकर सतर्क रहते हैं। इस फैसले से औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और टाऊनशिप प्रोजैक्ट्स को गति मिलेगी। आई.एम.टी. खरखौदा, कुंडली-मानेसर-पलवल बैल्ट और फरीदाबाद-गुड़गांव क्षेत्र में नए प्रोजैक्ट्स आने की संभावना है। 

रियल एस्टेट में रिप्साइक्लिंग और सस्टेनेबल डिवैल्पमैंट

रियल एस्टेट सैक्टर के लिए रिसाइक्लिंग से जुड़ी योजना को उद्योग जगत ने सकारात्मक कदम बताया है। इससे कंस्ट्रक्शन वेस्ट मैनेजमैंट, ग्रीन बिल्डिंग और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों गडगांव सोनीपत और फरीदाबाद में यह नीति सस्टेनेबल अर्बन डिवैल्पमैंट की दिशा में अहम साबित हो सकती है। वहीं बजट में सैल्फ रिलायंट इंडिया फंड के जरिए माइक्रो इंटरप्राइजेज को वित्तीय मदद देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ट्रांजैक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम, क्रैडिट गारंटी सपोर्ट मैकेनिज्म, जी.ई.एम. को ट्रेड से जोड़ना व एसेट बेस्ड सिक्योरिटी जैसे कदम लिक्विडिटी संकट से जूझ रहे छोटे कारोबारियों के लिए राहत लेकर आएंगे। हरियाणा के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में चल रही हजारों माइक्रो यूनिट्स जैसे फूड प्रोसैसिंग, प्लास्टिक, फर्नीचर और सर्विस सैक्टर को इससे मजबूती मिलेगी।

प्रोफैशनल सपोर्ट और स्किलिंगः टियर-2 और 3 शहरों पर फोकस

बजट में शॉर्ट टर्म मॉड्यूलर कोर्स डिजाइन करने और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक ट्रेनिंग पहुंचाने का ऐलान किया गया है। इसका सीधा लाभ हरियाणा के युवाओं को मिलेगा। इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल मिलने से लोकल टैलेंट लोकल इंडस्ट्री को सपोर्ट करेगा, जिससे माइग्रेशन भी घटेगा।

टैक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग का सुनहरा मौका

सैमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ और बायोफार्मा के लिए नए इनिशिएटिव से हरियाणा के मैन्युफैक्चरिंग और टैक्नोलॉजी हब बनने का सुनहरा मौका है। गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत जैसे क्षेत्रों में नए निवेश आएंगे, युवाओं को हाई-स्किल जॉब्स मिलेंगी। एम.एस.एम.ई. और स्टार्टअप को बूस्ट से हमारे युवा उद्यमी नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

हरियाणा में इन परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

  • दिल्ली-गुड़गांव फरीदाबाद आर.आर.टी. एस
  • आई.एम.टी. खरखौदा का विस्तार
  • ई.वी. पार्क
  • इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *