मुंबई 13 फरवरी 2026 : पश्चिम द्रुतगति महामार्ग पर लगने वाली भारी ट्रैफिक जाम से वाहन चालकों को राहत दिलाने के लिए मुंबई महानगरपालिका के पुल विभाग ने माहीम के सेनापति बापट मार्ग स्थित मछुआरा कॉलोनी से बांद्रा पूर्व तक फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया था। हालांकि, तीन साल बीत जाने के बावजूद यह परियोजना अब तक सिर्फ कागज़ों में ही अटकी हुई है। इस पुल के लिए वर्ष 2022 से टेंडर निकाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली। अब एक बार फिर से इस काम के लिए नया टेंडर जारी किया गया है। इस फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 220 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
दादर, खार और सांताक्रूज़ तक असर
पश्चिम द्रुतगति मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या बेहद गंभीर है। बांद्रा पूर्व की मिठी खाड़ी से लेकर माहीम के सेनापति बापट मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं, जिसका असर दादर के साथ-साथ खार और सांताक्रूज़ तक देखने को मिलता है। इस जाम को कम करने के लिए सेनापति बापट मार्ग की मछुआरा कॉलोनी से बांद्रा पूर्व तक फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है। यह फ्लाईओवर बांद्रा पूर्व के कलानगर फ्लाईओवर के पास से शुरू होकर मिठी खाड़ी के ऊपर से सेनापति बापट मार्ग से जुड़ेगा। इससे उपनगरों से दक्षिण मुंबई की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
टेंडर क्यों अटका?
इस फ्लाईओवर के लिए पहली बार 2022 में टेंडर निकाला गया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। इसके बाद जुलाई 2023 में फिर से टेंडर जारी किया गया, मगर उसे भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और उसकी अवधि समाप्त हो गई। अब पुल विभाग ने तीसरी बार टेंडर निकाला है।
कितना खर्च और क्या बाधाएं?
इस परियोजना पर कुल 220 करोड़ 17 लाख 40 हजार रुपये खर्च होंगे। चूंकि पुल मिठी खाड़ी के ऊपर से बनेगा, इसलिए इसके लिए CRZ और वन विभाग की अनुमति भी जरूरी होगी। यह जिम्मेदारी ठेकेदार पर होगी।
एक किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर
यह फ्लाईओवर करीब 1 से 1.25 किलोमीटर लंबा होगा। फिलहाल इस इलाके में चुनाभट्टी–BKC और पुराना कलानगर फ्लाईओवर मौजूद है। माहीम से बांद्रा पूर्व के बीच नया फ्लाईओवर बनने के बाद भविष्य में इस पूरे कॉरिडोर की ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
