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LPG गैस सिलेंडर सप्लाई में संकट, पंजाब के 56 गांवों में मचा हड़कंप

बठिंडा 11 फरवरी 2026 : यहां संगत इलाके के अंतर्गत आने वाले 56 गांवों के लोगों को गैस सिलेंडर न मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसी ओटीपी के बिना सिलेंडर देने से मना कर अपना पल्ला झाड़ रही है, लेकिन इसमें आम उपभोक्ता परेशान हो रहा है। प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस समय संगत इंडेन गैस एजेंसी के मालिक इंजीनियर रुपिंदरजीत सिंह थे, उस समय उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की सही सप्लाई मिल रही थी। किसी कारणवश उन्होंने यह गैस एजेंसी रामपुरा के एक व्यक्ति को बेच दी। उसने भी कुछ समय एजेंसी चलाने के बाद इसे पटियाला के एक व्यक्ति को बेच दिया। इस गैस एजेंसी के अधीन करीब 56 गांवों के अलावा संगत मंडी भी आती है।

इस क्षेत्र में इंडेन गैस एजेंसी के अलावा कोई दूसरी एजेंसी नहीं है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों के पास इसी एजेंसी के गैस कनेक्शन हैं। एजेंसी के जो दो मोबाइल नंबर थे, वे भी पिछले कई दिनों से बंद आ रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगत गैस एजेंसी से सिलेंडर न मिलने के कारण बाहरी गैस एजेंसियों को सप्लाई के लिए कहा गया, लेकिन जब बाहरी एजेंसियों के कर्मचारी इलाके में गैस सप्लाई के लिए आते हैं तो उन्हें भी रोक दिया जाता है। उपभोक्ताओं के अनुसार पिछले कई दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे वे भारी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि एजेंसी के मोबाइल नंबर भी बंद हैं। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी मालिकों द्वारा गैस सिलेंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, इसी कारण लोग गैस लेने से वंचित रह गए हैं।

गैस एजेंसी के मालिक हरसरूप चौधरी का कहना है:
जब इस संबंध में संगत इंडेन गैस एजेंसी के मालिक हरसरूप चौधरी से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह गैस एजेंसी करीब एक महीने पहले ही खरीदी है। सरकार ने ओटीपी के बिना गैस सिलेंडर देना बंद कर दिया है। कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिनकी कॉपी उनके नाम पर है, लेकिन मोबाइल नंबर किसी और व्यक्ति का दर्ज है। जब वे सिलेंडर लेने आते हैं तो उन्हें ओटीपी नहीं मिल पाता, जिसके कारण सिलेंडर नहीं दिया जा सकता। कई ऐसे लोग भी हैं जो पंजीकृत मोबाइल नंबर काम पर जाते समय अपने साथ ले जाते हैं, उस समय भी सिलेंडर देने में परेशानी आती है। गांवों के अधिकतर लोग अनपढ़ हैं, जिन्होंने अभी तक केवाईसी भी नहीं करवाई है, इसी वजह से समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर देने में उनका कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा है और वे नहीं चाहते कि किसी भी उपभोक्ता को परेशानी हो।

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