मुंबई 17 फरवरी 2026 : मुंबई महानगरपालिका में स्थायी और सुधार समितियों सहित शिक्षा व बेस्ट समिती के सदस्यों का चयन सोमवार को सभागृह में हुआ। महापौर Ritu Tawade ने इन समितियों के सदस्यों की घोषणा की। हालांकि, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) का एक चौंकाने वाला फैसला सामने आया है, जिसमें विपक्ष की नेता Kishori Pednekar को स्थायी समिति में जगह नहीं दी गई।
बीएमसी के इतिहास में पहली बार
बीएमसी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि विपक्ष की नेता को स्थायी समिति की सदस्यता नहीं मिली। खास बात यह भी है कि पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर का नाम सुधार समिति में भी नहीं है। इससे उनका विपक्ष नेता का पद केवल सभागृह तक सीमित रह गया है और राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्थायी समिति में अन्य दलों के गटनेताओं को शामिल किया गया है। भाजपा ने स्थायी और सुधार समितियों में दूसरे दलों से आए दो नगरसेवकों को मौका दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) से राखी जाधव को स्थायी समिति में, जबकि शिवसेना (उबाठा) से भाजपा में आए तेजस्वी घोसाळकर को सुधार समिति में जगह दी गई है।
समितियों का गठन
मुंबई में महापौर और उपमहापौर के चयन के बाद इन अहम समितियों के सदस्यों को लेकर सभी की नजरें टिकी थीं। स्थायी और सुधार समितियों में 26-26 सदस्य होते हैं, जिनके नाम विभिन्न दल सुझाते हैं और महापौर उनकी घोषणा करते हैं।
भाजपा को दोनों समितियों में 10-10 सदस्य मिले हैं। शिवसेना (उबाठा) को 7, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 3 और अन्य दलों को शेष सीटें मिली हैं।
सुधार और बेस्ट समिति
सुधार समिति में भाजपा से तेजस्वी घोसाळकर, पूर्व उपमहापौर अलका केरकर सहित कई वरिष्ठ नगरसेवक शामिल किए गए हैं।
बेस्ट समिति में 16 सदस्य होते हैं। इस बार महिला अध्यक्ष बनने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें शिंदे गुट की तृष्णा विश्वासराव का नाम चर्चा में है।
कुल मिलाकर, किशोरी पेडणेकर को स्थायी समिति से बाहर रखने का फैसला मुंबई की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है और इसे शिवसेना (उबाठा) का असामान्य कदम माना जा रहा है।
