• Fri. Mar 6th, 2026

ईरान संकट के बीच केजरीवाल भड़के, बोले- भारत को अनुमति देने वाला अमेरिका कौन होता है?

नई दिल्ली 06 मार्च 2026 : आम आदमी पार्टी प्रमुख एवं दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका द्वारा भारत को दी गई 30 दिन की अस्थायी छूट के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत जैसे संप्रभु देश को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका से अनुमति लेने की स्थिति में पहुंचा दिया गया है?

केजरीवाल ने कहा कि तेल खरीदने की अनुमति देने वाला अमेरिका कौन होता है? भारत को अमेरिका से इजाजत की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर कदम पर अमेरिकी दबाव के सामने झुक रही है और देश की विदेश नीति कमजोर हो रही है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल खाली देशों में बढ़ते सैन्य तनाव और Strait of Hormuz के आसपास जहाजरानी प्रभावित होने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट खड़ा हो गया है। यह संकट अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई और उसके बाद ईरान की प्रतिक्रिया के बाद और बढ़ गया।

इसी स्थिति में अमेरिका ने भारत को 30 दिन की अस्थायी छूट दी है ताकि भारतीय रिफाइनरी रूस से तेल खरीद सकें और वैश्विक बाजार में आपूर्ति बनी रहे। 

विपक्ष ने उठाए संप्रभुता के सवाल

इस फैसले के बाद भारतीय राजनीति में भी बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह स्थिति बताती है कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति के लिए भी अमेरिका की मंजूरी का इंतजार करना पड़ रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि भारत को अपनी विदेश और ऊर्जा नीति स्वतंत्र रूप से तय करनी चाहिए और किसी दूसरे देश के सामने झुकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नतमस्तक हो गई है।

भारत के लिए क्यों अहम है रूसी तेल?

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई थी। सस्ता तेल मिलने से देश की ऊर्जा लागत कम रखने में मदद मिली। लेकिन पश्चिमी प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस पर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है।

अब ईरान संकट और समुद्री मार्गों पर खतरे के कारण तेल आपूर्ति में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसके चलते यह 30 दिन की छूट भारत और वैश्विक बाजार दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *