कैथल 10 जनवरी 2026 : जिला ग्रीवांस मीटिंग में मंत्री अनिल विज के समक्ष रेप और अश्लील मैसेज की शिकायत करने वाली युवती के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में शिकायत पूरी तरह झूठी पाई गई। अब उसी युवती के खिलाफ बीएनएस की धारा 217 के तहत कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। इस धारा के तहत आरोपी को एक साल तक की जेल, 10 हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गीता ने बताया कि शहर निवासी पूजा नाम की युवती और उसकी मां ने ग्रीवांस मीटिंग में दो युवकों राहुल बंसल और सौरभ पर रेप व अश्लील मैसेज भेजने के गंभीर आरोप लगाए थे। मंत्री अनिल विज के आदेश पर पुलिस ने तुरंत दोनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, जांच के दौरान सारा मामला उल्टा निकल गया। पुलिस ने अब आरोपी युवती पूजा के खिलाफ धारा 217 बीएनएस के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की झूठी शिकायतें न सिर्फ निर्दोष लोगों को परेशान करती हैं, बल्कि असली पीड़ितों के मामलों पर भी सवाल खड़े कर देती हैं।
खुद बनाई फर्जी फेसबुक आईडी, खुद ही भेजे मैसेज
पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने जिस अश्लील चैट को मीटिंग में सबूत के तौर पर दिखाया था, वह खुद उसी ने तैयार की थी। पूजा ने ऋतिक गर्ग के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई थी, जिसे उसने अपने ही मोबाइल नंबर से संचालित किया। पुलिस से बचने के लिए उसने पड़ोसियों का वाई-फाई इस्तेमाल किया ताकि आईपी एड्रेस ट्रेस न हो सके। इतना ही नहीं, युवती ने उसी फर्जी आईडी से खुद को आपत्तिजनक मैसेज भेजे और बाद में उन मैसेज को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया, ताकि युवकों को बदनाम किया जा सके। इसके बाद उसने अपनी फर्जी आईडी बंद कर
जांच में सहयोग नहीं किया, मोबाइल देने से किया इनकार
इंस्पेक्टर गीता ने बताया कि जब पुलिस ने जांच के दौरान पूजा से उसका मोबाइल फोन मांगा तो उसने देने से इनकार कर दिया। उसे डर था कि उसकी साजिश पकड़ी जाएगी। इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच कर पूरा डेटा निकलवाया, जिससे सारी सच्चाई सामने आ गई। युवती ने एक अन्य युवक पर भी व्हाट्सएप चैट के आरोप लगाए थे, लेकिन जांच में उसमें भी कोई सच्चाई नहीं पाई गई। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि युवकों पर लगाए गए रेप और अश्लील मैसेज के आरोप पूरी तरह झूठे थे। इसके चलते राहुल बंसल और सौरभ के खिलाफ दर्ज केस को कैंसिल कर दिया गया है।
पहले भी दर्ज करवा चुकी है कई झूठे केस
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि पूजा पहले भी चार अलग-अलग मामले दर्ज करवा चुकी है। इनमें से दो युवकों पर लगाए गए गंभीर आरोपों में दोनों युवक कोर्ट से बरी हो चुके हैं। इसके अलावा उसने अपने सगे भाई पर जहर देकर मारने का केस भी दर्ज करवाया था, जो जांच में झूठा साबित होने पर कैंसिल कर दिया गया था। इतना ही नहीं, युवती ने एक युवक पर धोखाधड़ी का केस भी दर्ज करवाया था, जिसे पुलिस जांच में झूठा पाया गया और वह भी रद्द कर दिया गया। इंस्पेक्टर गीता ने बताया कि पूजा और उसकी मां के खिलाफ पहले से ही लड़ाई-झगड़े का एक मामला भी दर्ज है।
झूठी शिकायत पर सख्त कानून है धारा 217 बीएनएस: अजय गुप्ता
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के क्राइम एडवोकेट अजय कुमार गुप्ता के अनुसार धारा 217 बीएनएस उन लोगों पर लागू होती है, जो किसी को फंसाने या प्रशासन को गुमराह करने की नीयत से पुलिस या सरकारी अधिकारी को जानबूझकर झूठी सूचना देते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी को 1 साल तक की जेल व 10 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह धारा कानून के दुरुपयोग को रोकने और निर्दोष लोगों को झूठे मामलों से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। एडवोकेट गुप्ता ने कहा कि न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस तरह के प्रावधानों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
झूठी शिकायत करने वालों पर सख्ती जरूरी: कैथल एसपी
एसपी उपासना ने साफ शब्दों में कहा कि झूठी शिकायत कर कानून का दुरुपयोग करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों से समाज में गलत संदेश जाता है और असली पीड़ितों के हक पर असर पड़ता है। एसपी ने लोगों से अपील की कि शिकायत दर्ज कराने से पहले तथ्यों की जांच करें और केवल सच्चाई के साथ ही पुलिस के पास आएं।
