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Indiranagar Tunnel: नया बोगदा हाईवे से मुंबई की सीधी कनेक्टिविटी

नाशिक 19 जनवरी 2026 : इंदिरानगर बोगदे के चौड़ीकरण का काम पूरा होने के कारण इस महीने के अंत तक वहां की ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की संभावना थी, लेकिन अब द्वारका के पास बनने वाले ग्रेड-सेपरेटर के काम की शुरुआत होने जा रही है। इसके चलते मुंबई–आगरा महामार्ग पर अगले चरण में फिर से ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी हो सकती है। पुलिस ने बड़े पैमाने पर ट्रैफिक रूट में बदलाव का फैसला लिया है। इससे संबंधित अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी, जिसके कारण नागरिकों को अभी कुछ और महीनों तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

सारडा सर्कल से द्वारका तक सड़क पर जनवरी के अंत में ग्रेड-सेपरेटर के निर्माण की शुरुआत होने जा रही है। इससे ट्रैफिक जाम बढ़ने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इंदिरानगर बोगदे के साथ-साथ राणेनगर स्थित रैंप के निर्माण कार्य में तेजी लाई है। राणेनगर में रैंप की दीवार खड़ी की जा रही है, जबकि इंदिरानगर बोगदे का काम अंतिम चरण में है। संबंधित एजेंसियों ने फरवरी के अंत तक दोनों स्थानों पर रैंप निर्माण पूरा करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इसी बीच, इंदिरानगर में बोगदा चौड़ा होने के बाद वह सर्विस रोड तक पहुंचेगा, जहां एक पुल बनाया जाएगा। इससे जो वाहन सीधे मुंबई नाका और पाथर्डी फाटा की ओर जाना चाहते हैं, वे पुल के जरिए जा सकेंगे। NHAI के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इससे ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है। हालांकि, अब द्वारका के पास ग्रेड-सेपरेटर का निर्माण शुरू होने वाला है, जिसकी घोषणा पहले ही वर्ष 2025 में की जा चुकी थी।

सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 214 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह तक निर्माण से जुड़ी अंतिम योजना पूरी होने की संभावना है। इसी सिलसिले में आयुक्तालय में हुई बैठक में पुलिस आयुक्त ने ट्रैफिक रूट बदलने से पहले सर्वे करने के आदेश दिए थे। सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

क्या होगा आगे?

  • सारडा सर्कल से काठेगल्लि तक 800 मीटर लंबा ग्रेड-सेपरेटर बनेगा
  • वडाला नाका सिग्नल से ट्रैक्टर हाउस की ओर 300 मीटर लंबा ग्रेड-सेपरेटर बनेगा
  • द्वारका इलाके में मौजूद मौजूदा अंडरपास हटाए जाएंगे
  • ग्रेड-सेपरेटर से दोनों दिशाओं में यातायात संभव होगा
  • नाशिक रोड, आडगांव, पुणे और धुले की ओर जाने वाले वाहन ग्रेड-सेपरेटर का उपयोग कर सकेंगे
  • पहले चरण में सारडा सर्कल से काठेगल्लि तक ग्रेड-सेपरेटर बनेगा
  • सिंहस्थ से पहले एक ग्रेड-सेपरेटर का काम पूरा होने की संभावना
  • सिंहस्थ के बाद दूसरे ग्रेड-सेपरेटर के काम की संभावना

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