20 जनवरी 2026 : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भले ही टैरिफ का दबाव बनाकर भारत पर असर डालने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार अब थमने वाली नहीं है। यह दावा कोई और नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में किया है। IMF ने एक बार फिर भारत की आर्थिक मजबूती को स्वीकार करते हुए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर IMF फिदा
IMF ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए भारत की GDP वृद्धि का अनुमान 70 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। यह अक्टूबर में जारी अनुमान से 0.7 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वित्त वर्ष 2026–27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान भी बढ़ाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 6.2 प्रतिशत था। यह जानकारी IMF की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे सामने आए हैं और चौथी तिमाही में भी मजबूत रफ्तार देखी गई है। हालांकि, IMF ने यह भी संकेत दिया है कि चक्रीय और अस्थायी कारकों का असर कम होने के चलते 2026 और 2027 में आर्थिक वृद्धि कुछ हद तक धीमी होकर करीब 6.4 प्रतिशत पर आ सकती है।
दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत
अन्य देशों की तुलना में भारत की GDP ग्रोथ में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत के पड़ोसी चीन की GDP वृद्धि का अनुमान 2025–26 में 5 प्रतिशत, 2026 में 4.5 प्रतिशत और 2027 में 4 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।
महंगाई के मोर्चे पर भी राहत
महंगाई को लेकर IMF ने कहा है कि खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण 2025 में महंगाई में उल्लेखनीय कमी आई है और आने वाले समय में इसके लक्ष्य के करीब लौटने की उम्मीद है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने खुदरा महंगाई को 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ 4 प्रतिशत के भीतर रखने का लक्ष्य तय किया है।
वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर IMF का अनुमान है कि यह 2025 में लगभग 4.1 प्रतिशत से घटकर 2026 में 3.8 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत तक आ सकती है। कुल मिलाकर, वैश्विक अस्थिरता के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, हालांकि तेज़ बढ़त के बाद कुछ सुस्ती के संकेत भी सामने आ रहे हैं।
