11 फरवरी 2026 : 12वीं की परीक्षा में छात्र खुलेआम एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाएं देखकर लिख रहे थे और यह सब परीक्षा केंद्र के शिक्षकों की मिलीभगत से चल रहा था। सामूहिक नकल का यह चौंकाने वाला मामला पहले ही दिन छत्रपति संभाजीनगर जिले के कन्नड़ तालुका स्थित जैतापुर के राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर सामने आया।
सामूहिक नकल की पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने केंद्र संचालक समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया देर रात तक शुरू कर दी। इसके अलावा जालना में भी नकल के एक अन्य मामले में एक ही टीम द्वारा 6 छात्रों पर कार्रवाई की गई।
माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से मंगलवार से 12वीं की लिखित परीक्षा शुरू हुई है। छत्रपति संभाजीनगर मंडल के पांच जिलों के 454 परीक्षा केंद्रों से करीब 1 लाख 90 हजार 592 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, जबकि लातूर मंडल के तीन जिलों के 253 केंद्रों से 96 हजार 496 छात्र शामिल हुए हैं।
माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर और विस्तार अधिकारी सीताराम पवार की उड़नदस्ता टीम ने राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र का निरीक्षण किया। परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा नकल किए जाने की शिकायत मिलने के बाद CCTV फुटेज के जरिए पूरे मामले की जांच की गई। जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। छात्र एक-दूसरे की कॉपियां देखकर लिख रहे थे, कुछ एक ही बेंच पर दो-दो छात्र बैठे थे, तो कुछ खड़े होकर भी उत्तर लिखते नजर आए। यह सब शिक्षकों की मदद से हो रहा था।
जैसे ही शिक्षकों की भूमिका सामने आई, शिक्षा विभाग ने CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। केंद्र संचालक समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
जिले में 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान सामने आए इस घोटाले को लेकर सतर्कता समिति के निर्देश पर सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इसे जिले की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा संबंधी कार्रवाई माना जा रहा है।
निरीक्षण टीम पर भी कार्रवाई
इस मामले में केंद्र संचालक सहित कुल 19 लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। इनमें जिला परिषद के पर्यवेक्षक शिक्षक और निरीक्षण टीम के अधिकारियों के निलंबन का प्रस्ताव दिया गया है। अन्य कर्मचारियों के खिलाफ उनकी संबंधित संस्थाओं के माध्यम से विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तत्काल स्टाफ बदला गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तुरंत निर्णय लेते हुए परीक्षा केंद्र का पूरा स्टाफ बदल दिया। केंद्र प्रमुख समेत 17 कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई, ताकि आगे की परीक्षाएं नियमों के अनुसार शांतिपूर्वक हो सकें।
334 छात्र दे रहे थे परीक्षा
इस परीक्षा केंद्र पर कुल 14 परीक्षा कक्ष हैं, जहां 334 छात्र पंजीकृत थे। अंग्रेजी के पेपर में 327 छात्र उपस्थित थे, जबकि 7 छात्र अनुपस्थित रहे।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर ने कहा, “परीक्षा केंद्र के निरीक्षण के बाद नकल का मामला सामने आया। CCTV फुटेज की गहन जांच में पूरी सच्चाई सामने आई। इसके बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की गई और दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
