मुंबई 09 जनवरी 2026 : तेज़ रफ्तार ज़िंदगी से कुछ राहत पाने के लिए लोग अब पर्यटन को ज़्यादा तरजीह दे रहे हैं। इसी रुझान को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल (एसटी) ने ‘एसटी संगे पर्यटन’ पहल शुरू की है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच राज्यभर में 5,207 बस यात्राएं संचालित की गईं, जिनसे एसटी को करीब 23 करोड़ 36 लाख रुपये की आय हुई।
राज्य में कोल्हापुर डिवीजन ने सबसे अधिक 4.19 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया, जबकि सातारा डिवीजन ने सबसे ज्यादा 773 यात्राएं सफलतापूर्वक संचालित कीं।
महिला सम्मान योजना और अमृत ज्येष्ठ नागरिक योजना के तहत महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को एसटी यात्रा में मिलने वाली छूट इस पर्यटन पहल में भी लागू है। कम से कम 40 यात्रियों का समूह बनाकर नजदीकी एसटी डिपो से संपर्क करने पर यात्रा के लिए बस सीधे उपलब्ध कराई जाती है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान राज्य के 31 डिवीजनों से कुल 5,207 बसें चलाई गईं।
कोल्हापुर डिवीजन ने 681 यात्राओं का आयोजन कर सबसे अधिक आय अर्जित की। प्रत्येक यात्रा को अच्छा प्रतिसाद मिलने से कुल 4 करोड़ 19 लाख रुपये की कमाई हुई। सहकारिता, दुग्ध व्यवसाय और महिलाओं की मजबूत आर्थिक भागीदारी के कारण कोल्हापुर में इस योजना को खासा समर्थन मिला है। वहीं, सातारा डिवीजन ने 773 बसें चलाकर 2 करोड़ 78 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया।
‘एसटी संगे पर्यटन’ के तहत राज्य में पंढरपुर–तुलजापुर–अक्कलकोट, गाणगापुर, अष्टविनायक, ग्यारह मारुति दर्शन, गणपतिपुले और ज्योतिर्लिंग जैसी यात्राएं आयोजित की गईं। राज्य के बाहर अयोध्या, सोमनाथ, श्रीशैलम और रामोजी फिल्म सिटी जैसे पर्यटन स्थलों के विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं।
एसटी बेड़े में नई बसों को शामिल किया जा रहा है, जिन्हें इन यात्राओं के लिए प्राथमिकता दी जाती है। निजी टूर की तुलना में एसटी की कम लागत, सीधी सुविधा और सुरक्षित यात्रा पर्यटकों को ज्यादा आकर्षित कर रही है। एसटी महामंडल के अधिकारियों के अनुसार, संस्थान की विश्वसनीयता भी यात्राओं की संख्या बढ़ने में अहम भूमिका निभा रही है।
