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चार नए हवाई अड्डों पर सरकार का बड़ा फैसला, हवाई यातायात होगी और आसान

यवतमाल 06 जनवरी 2026 : महाराष्ट्र में क्षेत्रीय हवाई परिवहन को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने बारामती, लातूर, उस्मानाबाद (धाराशिव) और यवतमाल के हवाई अड्डों को महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) से महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में हाल ही में शासन निर्णय जारी किया गया है, जिसके तहत MADC को चार नए हवाई अड्डों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

धाराशिव हवाई अड्डे का 20 अगस्त 2025 को, लातूर हवाई अड्डे का 21 अगस्त 2015 को और यवतमाल हवाई अड्डे का 18 सितंबर 2015 को औपचारिक हस्तांतरण करने को लेकर पहले ही समझौता ज्ञापन (MoU) किया जा चुका है। उसी के आधार पर यह शासन निर्णय जारी किया गया है।

शासन निर्णय के अनुसार, महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी इन हवाई अड्डों का विकास और आवश्यक विस्तार कार्य करेगी। यात्रियों की विमान सेवाओं के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा और रनवे को उड़ानों के लिए उपयुक्त व अच्छी स्थिति में रखने की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी। हालांकि, हवाई अड्डों का प्रबंधन और विकास MADC को सौंपा गया है, लेकिन इनकी मूल मालिकाना हक राज्य सरकार के पास ही रहेगा। भविष्य में राज्य सरकार द्वारा लागू की जाने वाली शर्तें, नियम या नीतिगत बदलाव MADC पर बाध्यकारी होंगे।

इस फैसले से मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में हवाई संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रीय विकास, उद्योग, पर्यटन और रोजगार सृजन के लिहाज से यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यवतमाल हवाई अड्डे के विकास की जरूरत
यवतमाल हवाई अड्डा शहर से करीब 5–6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। फिलहाल यहां से व्यावसायिक उड़ानें शुरू नहीं हुई हैं। अभी इसका उपयोग मुख्य रूप से प्रशिक्षण, चार्टर विमानों, सरकारी हेलिकॉप्टर और आपातकालीन सेवाओं के लिए किया जाता है। वर्तमान रनवे छोटे विमानों के लिए उपयुक्त है।

भविष्य में रनवे के विस्तार, मजबूतीकरण और नाइट लैंडिंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। रनवे को अपग्रेड कर ATR-72 जैसे विमानों की लैंडिंग योग्य बनाने, नया टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की भी संभावना है।

हवाई अड्डे के विकसित होने के बाद केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के तहत यवतमाल को हवाई नक्शे पर लाने का प्रस्ताव है। इसके तहत भविष्य में यवतमाल से नागपुर, मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो सकती हैं।

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