27 दिसंबर 2025 : मुंबई में कबूतरों को दाना डालने की आदत एक व्यापारी के लिए परेशानी का कारण बन गई. दादर इलाके के रहने वाले व्यापारी नितिन शेठ को इस मामले में अदालत ने दोषी ठहराते हुए जुर्माना लगाया है. यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस तरह की सजा को अपने आप में पहली बार बताया जा रहा है.
पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान नितिन शेठ ने अपनी गलती स्वीकार कर ली. पुलिस के अनुसार, आरोपी सार्वजनिक स्थान पर कबूतरों को दाना डाल रहा था, जबकि इस पर पहले से प्रतिबंध लागू है. शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई.
5 हजार रुपये का लगा जुर्माना
अदालत ने नितिन शेठ पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया. बॉम्बे के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी. वाई. मिसाल ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (ब) के तहत ऐसा काम किया, जिससे इंसानी जिंदगी, स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता था. इसके अलावा बीएनएस की धारा 271 के तहत लापरवाही से जानलेवा बीमारी फैलने की आशंका से जुड़ा आरोप भी उस पर लगाया गया.
अदालत ने अपने आदेश में यह भी दर्ज किया कि इस तरह की सजा अपने आप में पहली बार दी गई है. इसे एक नजीर के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि भविष्य में लोग ऐसे प्रतिबंधों को हल्के में न लें.
गौरतलब है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पहले ही कबूतरों को दाना खिलाने पर प्रतिबंध लगा रखा है. बीते अगस्त महीने में इस मुद्दे पर बॉम्बे हाई कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी.
उस दौरान हाई कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने पर लगे प्रतिबंध को बरकरार रखा था. प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सेहत और शहर की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
