हरियाणा 15 मार्च 2026 : पश्चिम बहादुरगढ़, एशिया में जारी इसराईल-ईरान युद्ध का असर अब हरियाणा के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने और कीमतों में भारी बढ़ौत्तरी के कारण हरियाणा में जूते-चप्पलों के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन की बैठक में उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने सर्वसम्मति से कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के महासचिव सुभाष जग्गा ने बताया कि जूता उद्योग में इस्तेमाल होने वाला पी.यू., ई.वी.ए. और रैग्जिन जैसे कच्चे पदार्थ विदेशों से मंगवाए जाते हैं। युद्ध के कारण सप्लाई घट गई है और स्टॉकिस्टों ने इन कच्चे माल के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के चलते उद्योगों को मजबूरी में उत्पादन कम करना पड़ रहा है और जूते-चप्पलों के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं।
एम.एस.एम.ई. नियमों से पहले ही दबाव में था उद्योगः सुभाष जग्गा के अनुसार जूता जूता उद्योग पहले से ही एमएसएमई के 45 दिन में भुगतान की अनिवार्यता के कारण दबाव में था। अब युद्ध के चलते बने हालातों ने उद्योग की स्थिति और कमजोर कर दी है।
कैमीकल उद्योग भी प्रभावितः युद्ध के असर से केवल फुटवियर उद्योग ही नहीं, बल्कि कैमीकल उद्योग भी प्रभावित हुआ है। सार ग्लोबल के डायरैक्टर राजेश कुमार के अनुसार रिफाइनरियों से मिलने वाले पैट्रो-कैमिकल आधारित कच्चे माल और सॉल्वेंट की सप्लाई लगभग ठप्प हो गई है। इसके अलावा कई फैक्टरियों में गैस की सप्लाई भी बाधित हो गई है, जिसके कारण उत्पादन घटकर लगभग 60 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कई फैक्टरियों को बंद करने की नौबत आ सकती है।
देशभर में महंगाई बढ़ने की आशंकाः उद्योग जगत का मानना है कि यदि सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो महंगाई और बढ़ सकती है। सुभाष जग्गा का कहना है कि जूते-चप्पलों की कीमतों में की गई 15-20 प्रतिशत की बढ़ौत्तरी मुनाफा नहीं बल्कि मजबूरी है।
