22 फरवरी 2026 : फरवरी के लगभग तीन सप्ताह बीतने के साथ जहां आमतौर पर मौसम में गर्माहट आने लगती है, वहीं सुबह गुरदासपुर क्षेत्र में छाई घनी धुंध ने लोगों को फिर से सर्दियों की याद दिला दी। सुबह विजिबिलिटी घटकर कई स्थानों पर 50 से 100 मीटर तक रह गई, जिसके कारण यातायात प्रभावित हुआ और स्कूली बसों, दफ्तर जाने वाले वाहनों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौजूदा समय में गुरदासपुर इलाके का दिन का अधिकतम तापमान लगभग 24 से 27 डिग्री सैल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सैल्सियस तक है। जनवरी महीने में यह अधिकतम तापमान आमतौर पर 16 से 20 डिग्री के बीच रहता था, जिसमें अब करीब 5 से 7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
मौसम विभाग से जुड़े माहिरों का कहना है कि फरवरी के अंत में कई बार रात के समय तापमान गिरने और हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण सुबह धुंध बन जाती है। इसे ‘रेडिएशन फॉग’ कहा जाता है। दिन के दौरान सूरज निकलने के बाद ये जल्दी खत्म हो जाती है। अब इस इलाके में दिन का तापमान बढ़ रहा है और गर्मियों की शुरूआत के संकेत मिल रहे हैं पर सुबह की धुंध जैसी घटनाएं ये साबित करती हैं कि मौसम अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ। माहिरों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है और धुंध कम रहने के आसार हैं।
मौसम में आई गर्माहट के कारण लोगों ने सर्दियों के कपड़ों की जगह अब गर्मियों वाले कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। खेतों और वनस्पतियों में भी नई कोपलें नजर आने लगी हैं, जिसे बसंत के आगमन का संकेत माना जाता है। सुबह धुंध के साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक 143 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ (मॉडरेट) श्रेणी में आता है। इस स्तर पर दमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सावधान रहने की जरूरत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार धुंध और प्रदूषण मिलकर हवा में नमी और कणों की मात्रा बढ़ा देते हैं। सुबह करीब 9 बजे के बाद जैसे ही सूरज निकला, धुंध धीरे-धीरे छंटनी शुरू हो गई और दोपहर तक मौसम साफ हो गया। दिन चढ़ते ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई और लोगों ने राहत महसूस की। इसके साथ ही हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ और सूचकांक सुधरकर 113 हो गया।
