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फरीदाबाद के अस्पताल के खिलाफ दर्ज हुई FIR, इलाज में हुई गंभीर लापरवाही

फरीदाबाद 18 मई 2025: एसजीएम नगर थाना एरिया के एनआईटी तीन में चिमनी बाई चौक के पास स्थित एक निजी अस्पताल में महिला मरीज का गलत इलाज करने का आरोप लगा है। हेल्थ विभाग की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। अस्पताल में अवैध तरीके से गर्भपात करने पर एमटीपी लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि एसजीएम नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर टीम जांच कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि निजी अस्पताल में अवैध तरीके से गर्भपात कराया जाता है और एमटीपी किट रखी जाती है। इस सूचना पर सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा के आदेश पर एमटीपी के नोडल अधिकारी डॉ. एके यादव की अगुवाई में गठित टीम ने निजी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल के रिकॉर्ड और केस फाइल के निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गईं। महिला मरीज के इलाज में लापरवाही पाई गई।


महिला मरीज की फाइल के अनुसार वह लगभग 9 सप्ताह की गर्भवती थी और 29 अप्रैल को गुप्तांग से खून निकलने के कारण शाम लगभग 5 बजे वो संतोष अस्पताल पहुंची। अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड किया गया जिसमें कहा गया कि रिपोर्ट बिल्कुल सामान्य है। ओपीडी में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने मौखिक तौर पर दवा बता दी थी। 30 अप्रैल 25 को महिला का अधिक खून बहने से बीपी डाउन हो गया। उसके बाद उसे चिमनीबाई चौक के पास स्थित निजी अस्पताल लाया गया। टीम अगले दिन दोपहर में यहां पहुंची तो मरीज अस्पताल में नहीं मिली और पता चला कि उसे छुट्टी दे दी गई।

निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर हेल्थ विभाग की टीम ने स्पष्टीकरण मांगा। अस्पताल प्रबंधन ने 9 मई को कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया लेकिन समिति ने इस जवाब को संतोष जनक नहीं पाया। जिस पर एमटीपी के नोडल अधिकारी डॉक्टर एके यादव ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गलत तरीके से इलाज करने और एमटीपी का अवैध तरीके से उपयोग करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही अस्पताल के एमटीपी लाइसेंस को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

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