हरियाणा 07 मार्च 2026 : घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनीपत के कमासपुर क्षेत्र में स्थित करीब 206.40 करोड़ रुपए मूल्य की सम्पत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पी.एम.एल.ए.) 2002 तहत की गई।
जांच एजेंसी अनुसार यह मामला टी.डी.आई. इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (पूर्व में इंटाइम प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड) से जुड़ा है। कुर्क सम्पत्तियों में कमासपुर स्थित करीब 8.3 एकड़ जमीन के टुकड़े और कई कमर्शियल यूनिट्स शामिल हैं। ये सम्पत्तियां कम्पनी और उससे जुड़ी सहयोगी कम्पनियों के नाम पर हैं। ई.डी. ने अपनी जांच दिल्ली पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज 26 एफ.आई.आर. और चार्जशीट के आधार पर शुरू की।
आरोप है कि कम्पनी, उसके प्रोमोटर्स और प्रबंधन से जुड़े लोगों ने निर्धारित समय में फ्लैट और प्लॉट न देकर बड़ी संख्या में घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की। कुछ प्रोजैक्ट्स में तो 16 से 18 साल की देरी तक सामने आई है। जांच में सामने आया कि कम्पनी ने सोनीपत में 23 आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं शुरू की थीं जिन्हें वर्ष 2005 से 2014 के बीच लॉन्च किया गया। इन प्रोजैक्ट्स के लिए कम्पनी ने 14,105 ग्राहकों से एडवांस बुकिंग के रूप में लगभग 4619.43 करोड़ रुपए एकत्र किए। कंपनी के प्रमोटर्स और प्रबंधन ने होमबायर्स से जुटाई बड़ी रकम को परियोजनाओं को पूरा करने के बजाय सहायक कम्पनियों और जमीन खरीदने वाली इकाइयों में स्थानांतरित कर दिया व इस धन का उपयोग कर्ज चुकाने और अन्य निवेशों में भी किया गया। ई.डी. ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में 45.48 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। नई कार्रवाई के बाद इस केस में कुल 251.88 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच हो चुकी है।
