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दिग्विजय सिंह का हमला: भाजपा सरकार पर, धर्म के नाम पर पुजारियों और मंदिरों का हक छीना जा रहा

26 दिसंबर 2025 : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार धर्म की आड़ में पुजारियों के साथ अन्याय कर रही है और मंदिरों की जमीन का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र भी लिखा है।

पुश्तैनी पुजारियों के अधिकारों पर कुठाराघात का आरोप

दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार परंपरागत और पीढ़ियों से सेवा कर रहे पुजारियों के अधिकारों को खत्म करने का काम कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कमलनाथ सरकार के समय तत्कालीन धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा पुजारियों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक नीति लाने वाले थे, लेकिन उस सरकार को गिरा दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने उस सरकार को गिराया, वही आज खुद को धर्म का सबसे बड़ा रक्षक बता रहे हैं।

मंदिरों के चढ़ावे और जमीन के दुरुपयोग का आरोप

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मंदिरों से मिलने वाले चढ़ावे की राशि का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर को छोड़कर ऐसे मंदिर जिनके पास 10 एकड़ से ज्यादा जमीन है, उनकी भूमि को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल गलत है, बल्कि धार्मिक परंपराओं के भी खिलाफ है।

‘देवता के नाम की जमीन न नीलाम हो सकती है, न लीज पर’

दिग्विजय सिंह ने गुना जिले के आरोन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां एक पुजारी को नोटिस भेजकर मंदिर की जमीन नीलाम करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि आदेश नहीं मानने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि देवता के नाम दर्ज भूमि को न तो नीलाम किया जा सकता है और न ही लीज पर दिया जा सकता है। इसके बावजूद सरकार ऐसे फैसले ले रही है, जो कानून और आस्था दोनों के खिलाफ हैं।

50 हजार से ज्यादा पुजारियों के अधिकार खतरे में

दिग्विजय सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश पुजारी उत्थान कल्याण समिति ने सरकार के इस आदेश के खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा पुजारी हैं और भाजपा सरकार लगातार उनके अधिकारों पर हमला कर रही है।उन्होंने कहा कि मंदिरों की जमीन भगवान की होती है, सरकार की नहीं. इसके बावजूद जमीन को बेचने की प्रक्रिया शुरू करना पूरी तरह गलत है।

‘सनातन के नाम पर भगवान की जमीन छीनी जा रही’

दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सरकार खुद को सनातन संस्कृति का रक्षक बताती है, वही आज भगवान की जमीन छीनने का काम कर रही है।उन्होंने मांग की कि सरकार इस आदेश को तुरंत वापस ले और पुजारियों के हितों की रक्षा करे।

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