लुधियाना 09 फरवरी 2026 : नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर के विरोध के बावजूद रोज गार्डन की कायाकल्प का टैंडर एक बार फिर जारी हो गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए जोन डी की बी. एंड आर. ब्रांच के अफसरों द्वारा करीब 9 करोड का एस्टीमेट बनाया गया है जिसमें सिविल वर्क के अलावा बागवानी, लाइटिंग से संबंधित कार्यों पर ही करीब 5.5 करोड खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस योजना पर सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर द्वारा पिछले साल दिसंबर में कमिश्नर को पत्र लिखकर एतराज दर्ज किया गया था।
उन्होंने लागत के आंकड़े पर सवाल खडे करते हुए सरकारी फंड का इतना ज्यादा पैसा खर्च करने की बजाय रोज गार्डन की कायाकल्प का काम भी रख बाग की तर्ज पर किसी कंपनी से करवाने की सिफारिश की है। हालांकि उस समय इस टैंडर को कुछ देर के लिए होल्ड कर दिया गया था लेकिन अब नए सिरे से जारी कर दिया गया है जिसके लिए सीनियर डिप्टी मेयर को उनकी शिकायत पर कोई लिखित स्पष्टीकरण देना जरूरी नही समझा गया कि मेंटेनेंस के लिए कई प्रावधान रखे गए हैं। यहां तक कि विरोध को शांत करने के लिए पहले अफसरों और अब दोबारा टैंडर जारी करने के लिए बड़े नेताओं का नाम लिया जा रहा है।
नगर निगम अफसरों को नही विजिलेंस का खौफ
रोज गार्डन की कायाकल्प का टैंडर एक के बाद बाद लगातार जारी करने वाले नगर निगम अफसरों को शायद विजिलेंस का कोई खौफ नही है, क्योंकि इसी टैंडर को पास करने के बदले में 10 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप में विजिलेंस द्वारा एस.ई. संजय कंवर को गिरफ्तार किया गया था लेकिन इस मामले से एस.ई. शाम लाल गुप्ता व एक्सियन अरविंद ने कोई सबक नहीं लिया और दोबारा से टैंडर जारी किया जा रहा है, जिसके लिए पहले विजिलेंस से कोई क्लीयरैंस नही ली गई है।
ठेकेदार के साथ मोटी डील की हो रही है चर्चा
रोज गार्डन की कायाकल्प के टैंडर को लेकर यह चर्चा हो रही है कि नगर निगम की बी. एंड आर. ब्रांच के अफसरों द्वारा चुनिंदा ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए मोटी डील की गई है जिसके हिसाब से शर्तें लगाने के अलावा एस्टीमेट में ओवर आइटमें शामिल की गई हैं। इस डील को सिरे चढ़ाने के लिए पहले नगर निगम चुनावों के लिए कोड लागू होने के बावजूद टैंडर खोल दिया गया था और बार-बार टेंडर की शर्तों में बदलाव किया जा रहा है, जो मामला कोर्ट में भी पहुंच चुका है।
