23 जनवरी 2026 : देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में आज सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने न केवल सर्दी का सितम बढ़ा दिया है, बल्कि एक अनोखा नजारा भी पेश किया है। दोपहर के वक्त भी आसमान में घने काले बादल इस कदर छाए हुए हैं कि सड़कों पर स्ट्रीट लाइट जलानी पड़ गई। मौसम के इस बदले मिजाज ने आम जनजीवन को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।
क्यों हो जाता है दिन में ‘अंधेरा’?
अक्सर लोग इसे किसी अनहोनी का संकेत मानते हैं, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण हैं:
1. क्युम्युलोनिम्बस (Cumulonimbus) बादल: यह बारिश वाले बादल सामान्य बादलों की तुलना में बेहद घने और ऊंचे होते हैं। इनकी मोटाई इतनी ज्यादा होती है कि ये सूरज की किरणों के लिए एक ‘दीवार’ का काम करते हैं, जिससे रोशनी धरती तक नहीं पहुँच पाती।
2. प्रकाश का बिखराव: हवा में नमी और जलवाष्प की मात्रा बढ़ने से सूरज की बची-कुची रोशनी भी सूक्ष्म जलकणों में बिखर जाती है। इस कारण उजाला तेज होने के बजाय धुंधला पड़ जाता है।
3. कम दबाव का क्षेत्र: जब बारिश किसी लो-प्रेशर सिस्टम के कारण होती है, तो बादल कई परतों में एक के ऊपर एक जमा हो जाते हैं, जिससे दोपहर में भी शाम या रात जैसा आभास होता है।
सर्दी और बारिश का डबल अटैक
Western Disturbance के सक्रिय होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। IMD का कहना है कि अगले 24 घंटों तक ठंडी हवाओं और बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलने की सलाह दी गई है।
