4 अप्रैल, 2026:* राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो में अब बिना अनुमति सामान बेचने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी गई है। मेट्रो प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों के अंदर किसी भी प्रकार की अनधिकृत बिक्री गतिविधि अब पूरी तरह प्रतिबंधित होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार यदि कोई व्यक्ति मेट्रो परिसर में बिना अनुमति के सामान बेचते हुए पाया जाता है, तो उस पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और मेट्रो सेवाओं के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मेट्रो स्टेशनों पर अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग बिना किसी अनुमति के खाने-पीने की चीजें या अन्य सामान बेचने लगते हैं, जिससे भीड़भाड़ बढ़ती है और यात्रियों को असुविधा होती है। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से भी यह गतिविधि चिंता का विषय मानी जाती है, क्योंकि इससे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
मेट्रो प्रशासन का कहना है कि यह नियम पहले से लागू है, लेकिन अब इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा कर्मियों और फ्लाइंग स्क्वॉड की निगरानी बढ़ा दी गई है, जो नियमित रूप से स्टेशन और ट्रेनों में जांच करेंगे।
यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे इस तरह की अनधिकृत गतिविधियों की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस फैसले के बाद उन लोगों पर असर पड़ सकता है, जो रोजाना मेट्रो में छोटे-मोटे सामान बेचकर अपनी आजीविका चलाते थे। हालांकि प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है।
इस तरह दिल्ली मेट्रो का यह कदम एक तरफ व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया है, वहीं दूसरी ओर यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
