जालंधर/चंडीगढ़ 11 मार्च 2026 : पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने 3 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतर्राज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी यहां डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव ने दी। आरोपियों की पहचान अभिषेक भार्गव, आकाश भार्गव उर्फ अमन और लक्की भार्गव के रूप में हुई है। तीनों राजस्थान के झुंझुनू के निवासी हैं और आपस में भाई हैं। वर्तमान में ये सैक्टर-70, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में रह रहे थे।
पुलिस टीमों ने इनके कब्जे से 3.49 लाख रुपए नकद, 500 अमरीकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक डोंगल, एक टैबलेट और मोबाइल फोन के 38 खाली डिब्बे बरामद किए हैं। डी.जी.पी. ने बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। आरोपी अपने टारगेट, खासकर महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए महिला जैसी आवाज निकालने के लिए वॉयस-चेंजिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों के ए.आई. से बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे।
स्पैशल डी.जी.पी. साइबर क्राइम वी. नीरजा ने बताया कि यह मामला एक पीड़ित के पिता की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। पीड़ित से 2023 से 2025 के बीच करीब 3.10 लाख रुपए की ठगी की गई थी, जब वह कनाडा में रह रही थी।
स्पेशल डी.जी.पी. ने बताया कि एस.पी. जसपिंदर सिंह की निगरानी में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के एस.एच.ओ. अमनदीप सिंह के नेतृत्व में की गई जांच में पता चला कि सरगना आकाश भार्गव ने 2 साल पहले यह तरीका तैयार किया था। इसके तहत आरोपी नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाते थे और कभी-कभी फर्जी धार्मिक गुरु या ज्योतिषी बनकर भी लोगों को ठगते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि इस तरीके से उन्होंने करीब 40 लाख रुपए की ठगी की है। इस संबंध में एफ.आई.आर. नंबर 14 दिनांक 08.08.2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 61(2) तथा आई.टी. एक्ट की धारा 67 के तहत स्टेट साइबर क्राइम थाना, मोहाली में मामला दर्ज किया गया है।
निजी जानकारी सोशल मीडिया पर सांझा न करने की सलाह
स्पैशल डी.जी.पी. वी. नीरजा ने सलाह दी कि सोशल मीडिया उपयोगकर्त्ता, विशेषकर महिलाएं, ज्योतिषियों या अन्य ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहें जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सलाह या मार्गदर्शन देने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर सांझा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति फोटो या वीडियो का दुरुपयोग करने की धमकी देता है, तो पीड़ित को घबराने की जरूरत नहीं है और तुरंत साइबर हैल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करनी चाहिए या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
