अमृतसर 25 जनवरी 2026 : वर्ष का पहला महीना गुजरने को है और तड़के व शाम ढलते ही अब भी ठंड ने भी अपना रुद्र रूप धारण कर रखा है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे, दिहाड़ी लगाने वालों तथा अन्य आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विगत कई दिनों से पड़ रही सूखी ठंड से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ा है। दो दिन पहले बारिश ने स्मॉग व धुंध से कुछ राहत जरूर दिलवाई है, परंतु विगत दो दिनों तेज चल रही ठंडी हवाओं ने तड़के व रात की ठंड को और बढ़ा दिया है। हालांकि दोपहर को धूप खिलने के कारण लोगों का ठंड से बचाव हो रहा है और सुबह सूर्य देवता के दर्शन से ही लोगों के चेहरे खिल उठते हैं और काफी लोग धूप सैंकते हुए नजर भी आते हैं।
वहीं निरंतर बढ़ रही ठंडी का कारण विगत दिनों पहाड़ों पर हुई बर्फबारी को माना जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में बारिश पड़ने के पूरे आसार हैं और अगर पहाड़ों पर फिर से बर्फबारी होती है तो पंजाब के सभी मैदानी इलाकों में सर्द तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि ठंड के मौसम में बर्फीली हवाओं और गिरते तापमान के कारण खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। मौसम के बदलाव के साथ खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां आम हो जाती हैं। लोगों को इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आवश्यक है कि इस ठंडी से बचने के लिए सभी लोग सतर्क रहें और स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से सावधानी बरतें।
ठंड के कारण गर्म कपड़ों का बाजार हुआ गर्म
ठंड के मद्देनजर लोगों ने गर्म कपड़ों की खरीददारी में तेजी की है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए गर्म स्वेटर, जैकेट, ऊनी मफलर, दस्ताने, जूते और बूट्स की जमकर खरीददारी हुई है। बाजार में ऊनी कपड़ों और गर्म पहनावे की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी हुई दिख रही है। कपड़े बेचने वालों का कहना है कि इस साल ठंड के मौसम में लोगों की खरीददारी में पहले की तुलना में ज्यादा वृद्धि देखी जा रही है। ठंड से बचने के लिए कई लोग गर्म पेय पदार्थों का भी सेवन कर रहे हैं और सर्दी से बचाव के लिए घरेलू उपायों को अपनाने में लगे हुए हैं।
बच्चों व बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
ठंड के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बच्चों का शरीर अधिक ठंड को सहन नहीं कर पाता और बुजुर्गों के लिए तो ठंड का असर स्वास्थ्य पर ज्यादा पड़ता है। सर्दी-जुकाम, बुखार, अस्थमा, खांसी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। डाक्टरों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से गर्म कपड़े पहनना और उन्हें ठंडी से बचाना जरूरी है। घरों में तापमान नियंत्रित रखना, उन्हें गर्म पानी का सेवन कराना और बाहरी गतिविधियों से बचाना चाहिए। सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराना भी जरूरी होता है ताकि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। निरंतर बढ़ रही ठंड के कारण गर्म कपड़ों, कंबल, हीटर, ब्लौअरों जैसी चीजों की बिक्री में बढ़ौत्तरी हुई है। वहीं फल, सब्जियां और अन्य सामान की बिक्री में गिरावट दर्ज की जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि सर्दी के मौसम में उनका व्यापार प्रभावित होता है।
घर से बाहर निकलने के लिए सावधानी रखें
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में अगर बाहर जाना जरूरी हो तो उचित रूप से गर्म कपड़े पहनें और चेहरे, हाथों और पैरों को ढककर रखें। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड में घर से बाहर न भेजें, क्योंकि उनका शरीर ठंडी को आसानी से सहन नहीं कर पाता। सर्दी में अधिक समय तक बाहर रहना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे शरीर में तापमान गिर सकता है और इम्यूनिटी पर भी असर पड़ सकता है।
ठंड फसलों के लिए है लाभदायक
जहां एक ओर ठंड के मौसम में लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं इस मौसम का फसलों के लिए एक अलग महत्व है। सर्दी फसलों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि ठंड में फसलों का झाड़ अधिक होता है और यह फसल की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है। सर्दी में खाद्य फसलों की वृद्धि रुक जाती है, जिससे फसल और बेहतर बनती है और कीटों और रोगों से भी बचाव होता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम फसलों के लिए आदर्श माना जाता है, क्योंकि यह उनके विकास के लिए लाभकारी होता है।
