04 फरवरी 2026 : बिहार की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह अब और भी आसान हो गई है। बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना’ के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अक्सर कॉलेज की पढ़ाई पूरी होते ही लड़कियों के सामने अगली चुनौती फीस, किताबों और रहने के खर्च के रूप में खड़ी हो जाती है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर यह अतिरिक्त बोझ बेटियों की पढ़ाई में रुकावट न बने, इसी उद्देश्य से बिहार शिक्षा विभाग यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छात्राएं पैसों की चिंता किए बिना अपने करियर लक्ष्यों को हासिल करें और समाज में अपनी पहचान बनाएं।
कौन उठा सकता है लाभ?
छात्रा का बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना जरुरी है। राज्य के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संबद्ध कॉलेज से स्नातक (Graduation) की डिग्री पूरी होनी चाहिए। यह लाभ केवल अविवाहित छात्राओं के लिए है।आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे किसी भी जिले की छात्रा घर बैठे फॉर्म भर सकती है।

इस दिन तक कर सकते हैं आवेदन
योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 सितंबर है। जो छात्राएं योग्य हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा से पहले पोर्टल पर पंजीकरण करा लें।
शिक्षा पर निवेश, भविष्य पर भरोसा
यह ₹50,000 की राशि मात्र एक सरकारी मदद नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास में निवेश है। इस धन का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, पीजी कोर्सेज में दाखिला या प्रोफेशनल स्किल सीखने में किया जा सकता है। यह मदद छात्राओं को ऋण के जाल से बचाती है और उन्हें स्वतंत्र बनाती है।
