01फ़रवरी2026 : अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 होने हैं और इसकी आहट दिल्ली के गलियारों में सुनाई देने लगी है। इसी बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बजट पर देश की नजरें तो होंगी ही, साथ ही यूपी की सियासी उम्मीदें भी टिकी होंगी। योगी सरकार ने चुनावी ‘मिशन 2027’ को ध्यान में रखते हुए केंद्र को भारी मांगों की लिस्ट भेजी है। पश्चिमी यूपी में AIIMS, नमामि गंगे और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए विशेष फंड की मांग इस बजट को राज्य की विकास की दिशा तय करने वाला बना रही है।
चुनावी नजरिए से बजट का महत्व
– उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बजट को सियासी संजीवनी माना जा रहा है।
– योगी सरकार ने केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी और बुनियादी ढांचे के लिए विशेष आवंटन की मांग की है।
– वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्री-बजट बैठक में राज्य के 33 सेक्टरों (शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला और किसान) के लिए मांगें पेश की हैं।
– सबसे बड़ी मांग पश्चिमी यूपी में नए AIIMS की है, ताकि क्षेत्र में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
पिछले साल (2025) यूपी को बजट से मिला क्या?
– केंद्रीय करों में राज्यांश: ₹2,55,172.21 करोड़
– अतिरिक्त आय: 2024-25 में अनुमानित ₹2.18 लाख करोड़ के मुकाबले ₹2.30 लाख करोड़
– ब्याज मुक्त कर्ज: 50 वर्षीय ब्याज रहित ऋण योजना के तहत ₹10,795.16 करोड़
2025 में यूपी के लिए प्रमुख घोषणाएं
एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी
₹1,050 करोड़ से चार नए एक्सप्रेसवे: आगरा-लखनऊ, गंगा, विंध्य और बुंदेलखंड-रीवा।
उद्देश्य: राज्य के कोने-कोने को हाई-स्पीड सड़कों से जोड़ना।
