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शिमला से भी ठंडा बठिंडा, तापमान में गिरावट और घने कोहरे की मार

बठिंडा 13 जनवरी 2026 : बठिंडा महानगर इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। शहर का न्यूनतम तापमान गिरकर 0.6 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच गया, जो हिमाचल की राजधानी शिमला से भी ज्यादा ठंडा रहा। इसके साथ ही बठिंडा उत्तरी भारत के सबसे ठंडे शहरों में शामिल हो गया। कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। ठंडी हवाओं ने सर्दी की तीव्रता और बढ़ा दी। लोग दिनभर अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों के सहारे नजर आए। सड़कों पर आवाजाही कम रही और बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। कोहरे के कारण हवाई सेवाएं, रेल यातायात और सड़क मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए। कई ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही, जबकि कुछ ट्रेनों के देरी से चलने की खबरें सामने आईं। राष्ट्रीय व राजमार्गों पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के चलते दुर्घटनाओं की संख्या में भी इजाफा देखा गया, जिससे प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहना पड़ा। घने कोहरे और ठंड के कारण संचार सुविधाएं बाधित रहीं। वहीं, बिजली आपूर्ति में भी बार-बार आंख-मिचौली की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को ठंड में अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अत्यधिक सर्दी का सीधा असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड के कारण हार्ट अटैक, ब्लड प्रैशर, सांस की बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके अलावा खांसी, जुकाम, नजला, बुखार आम हो गया है। बदलते मौसम और ठंड के चलते चिकनगुनिया व वायरल संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कड़ाके की ठंड से पशु-पक्षी और जीव-जंतु भी बेहाल हैं। खुले में रहने वाले आवारा पशुओं के लिए सर्दी जानलेवा साबित हो रही है। कई स्थानों पर पशु प्रेमी संस्थाओं द्वारा उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।

प्रशासन ने लोगों से की विशेष सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि विशेष सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें, गर्म कपड़े पहनें और कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से बचाव के लिए आवश्यक एहतियात अपनाने की सलाह दी है। कुल मिलाकर बठिंडा में सर्दी का यह डबल अटैक न सिर्फ आम जनजीवन बल्कि स्वास्थ्य, यातायात और पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में मौसम में और गिरावट की संभावना को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है।

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