मुंबई 04 जनवरी 2025 : मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव में भाजपा-शिवसेना महायुति के 60 से अधिक उम्मीदवार बिना किसी विरोध के निर्वाचित हुए हैं। इन निर्वाचित उम्मीदवारों के बारे में राज्य चुनाव आयोग ने संबंधित महानगरपालिका आयुक्तों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट आने तक विजयी उम्मीदवारों को घोषित न किया जाए।
राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने शनिवार को बताया कि “2004 के स्थायी आदेशों के अनुसार, जहां कोई उम्मीदवार बिनविरोध चुना गया है, वहां संबंधित महापालिका आयुक्त को आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। इसमें किसी जांच का प्रश्न नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि “किसी उम्मीदवार को बिनविरोध घोषित करने से पहले संबंधित चुनाव अधिकारी को राज्य चुनाव आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। यदि रिपोर्ट देने से पहले चुनाव अधिकारी ने प्रक्रिया पूरी की या उम्मीदवार को प्रमाणपत्र दे दिया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
इसी बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने राज्य की कई महानगरपालिकाओं में महायुति के उम्मीदवारों के बिनविरोध निर्वाचित होने के खिलाफ अदालत जाने का ऐलान किया है। मनसे नेता अविनाश जाधव ने बताया कि मुंबई में पार्टी की विशेष बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। जाधव ने कहा कि “राज्य की विभिन्न महानगरपालिकाओं में 60 से अधिक नगरसेवक बिनविरोध निर्वाचित हुए हैं। यदि इस प्रकार का काम रोका नहीं गया, तो भविष्य में चुनाव ही नहीं होंगे।”
राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है, और विरोधियों ने इसे गंभीर चुनौती मानते हुए कानूनी कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।
