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जबरन निकाह का आरोप, महिला आयोग के सामने रोई हिंदू महिला; योगी से मांगा इंसाफ

13 मार्च 2026 : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने रूह कंपा दी। मोहम्मदाबाद की एक हिंदू महिला ने अपने मुस्लिम पति अफसर हुसैन पर अपहरण, बंधक बनाने, जबरन निकाह और अब बच्चों के धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। महिला ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंसाफ देने के बजाय खाकी उसके चरित्र पर कीचड़ उछाल रही है।

2009 से शुरू हुआ खौफ का सफर
पीड़िता के मुताबिक, प्रताड़ना की यह कहानी साल 2009 में शुरू हुई थी। आरोपी अफसर हुसैन ने उसका अपहरण किया और उसे महाराष्ट्र के एक अनजान गांव में ले जाकर तीन साल तक बंधक बनाकर रखा। 2012 में जब वह वापस लौटी, तो सामाजिक और गांव के दबाव में उसका निकाह जबरन अफसर से करा दिया गया। इस निकाह से उनके दो बच्चे (14 साल की बेटी और 8 साल का बेटा) हैं।

तीन तलाक और मासूम बेटे का खतना कराने का दबाव
महिला का आरोप है कि साल 2018 में अफसर ने उसे तीन तलाक दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह उसे छोड़ नहीं रहा है। अब विवाद बच्चों के धर्म को लेकर है। महिला ने आरोप लगाया कि  आरोपी उसके 8 साल के बेटे का जबरन खतना कराना चाहता है। बच्चों पर मजहबी दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिसके डर से वह दर-दर भटकने को मजबूर है।

पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल- ‘कैरेक्टर सर्टिफिकेट दे दे सरकार’
जनसुनवाई में आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के सामने महिला ने अपने सिर के गहरे जख्म दिखाए। उसने बताया कि 10 दिन पहले उस पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ था। महिला ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपी के प्रभाव में आकर मेरी मेडिकल रिपोर्ट बदल दी ताकि केस हल्का हो जाए। अब वे मेरे चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। अगर मैं इतनी ही बुरी हूं, तो योगी सरकार मुझे खराब चरित्र का सर्टिफिकेट दे दे, ताकि मैं शांति से मर सकूं।

महिला आयोग सख्त- पुलिस को लगी फटकार
महिला की आपबीती सुनकर आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान भड़क गईं। उन्होंने मौके पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक (सिटी) को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से दो निर्देश दिए कि महिला का दोबारा निष्पक्ष मेडिकल कराया जाए। आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं (अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जानलेवा हमला) में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

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