04 जनवरी 2025 : मुंबई महापालिका चुनाव के लिए ठाकरे बंधुओं की गठबंधन बनने के बाद आज, रविवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे संयुक्त घोषणा-पत्र जारी करने जा रहे हैं। मनसे की स्थापना के बाद राज ठाकरे पहली बार शिवसेना भवन पहुंचेंगे। घोषणा-पत्र जारी करने के बहाने करीब 20 साल बाद वे शिवसेना भवन की सीढ़ियां चढ़ेंगे।
करीब दो दशकों के बाद ठाकरे बंधु एक मंच पर नजर आएंगे। इसी कड़ी में 4 जनवरी को मुंबई के लिए उनका संयुक्त घोषणा-पत्र जनता के सामने रखा जाएगा। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता विनायक राउत ने इसे “हमारे लिए स्वर्णिम क्षण” बताया है।
वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को वर्ली में हुई सभा से ठाकरे बंधुओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ पत्रकारों ने उनसे पूछा कि ठाकरे बंधु अब साथ आ गए हैं तो कैसे लड़ेंगे। इस पर उन्होंने शेर पढ़ते हुए कहा कि धुंधली ताकत देखकर हमारा हौसला कम नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में अब श्रेय चुराने वाली टोली सक्रिय हो गई है, जो कोस्टल रोड और मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट्स का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। फडणवीस ने कहा कि जनता सब जानती है कि कोस्टल रोड, बीडीडी विकास और मेट्रो किसने बनाई। उन्होंने यह भी कहा कि हर काम पर रोक लगाने वाला नाम पूछिए, जवाब में एक ही नाम आएगा—उद्धव ठाकरे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की हिम्मत किसी में नहीं है और विचारों की विरासत कर्म से मिलती है, जो महायुति और एकनाथ शिंदे के पास है।
इस बीच, एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि मराठी मानुस के नाम पर सालों तक मुंबईकरों को गुमराह किया गया। उन्होंने कहा कि हर चुनाव के समय मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की अफवाह फैलाई जाती है, लेकिन मुंबई हमेशा मराठी लोगों की थी और रहेगी। यह गिरणी कामगारों, डब्बावालों और मेहनतकश लोगों की मुंबई है। कोई भी आए, मुंबई महाराष्ट्र से अलग नहीं हो सकती। शिंदे ने कहा कि मुंबई का मेयर मराठी ही होगा, यह पत्थर पर खींची हुई रेखा है।
