13 अप्रैल 2026* हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर खरीद नीति को लेकर विवाद तेज हो गया है, जहां वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से नई खरीद दिशानिर्देशों को वापस लेने की मांग की है। इस मुद्दे ने राज्य के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और किसानों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार अभय चौटाला ने आरोप लगाया है कि नई खरीद नीति से किसानों को नुकसान हो सकता है और उनकी फसल खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।
दूसरी ओर सरकार का कहना है कि नई नीति पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके। अधिकारियों का दावा है कि इससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार अपने फैसले को सही ठहरा रही है।
किसान संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है और कहा है कि यदि उनकी मांगों को नहीं सुना गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नीतियों को लागू करने से पहले सभी हितधारकों से चर्चा करना जरूरी होता है, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।
कुल मिलाकर खरीद नीति को लेकर हरियाणा में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है, जिसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।
