• Fri. Mar 20th, 2026

बीमार मां-बाप के लिए 200KM दूर से आया बेटा, 9 घंटे लाइन में लगकर मिला सिलेंडर

20 मार्च 2026 : ईरान-इजरायल युद्ध और अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल का असर केवल शेयर बाजार पर नहीं, बल्कि यूपी के गांवों की रसोई तक पहुंच गया है। बाराबंकी जिले से आई एक तस्वीर ने डिजिटल इंडिया और उज्ज्वला के दौर में जमीनी हकीकत की पोल खोल दी है। जहां एक बेटे को अपने कैंसर पीड़ित पिता और ब्रेन हैमरेज से जूझ रही मां के लिए दो वक्त की रोटी पकाने हेतु घंटों लाइन में लगकर संघर्ष करना पड़ा।

शाहजहांपुर से बाराबंकी तक का सफर
यह कहानी बैंकी ब्लॉक के टिंडोला बरेठी गांव के रहने वाले अरुण कुमार की है। अरुण शाहजहांपुर में माली का काम करते हैं और अपने परिवार के इकलौते सहारा हैं। घर में 2 छोटी बेटियां और बिस्तर पर पड़े बीमार माता-पिता हैं। घर में गैस खत्म हो गई थी, बीमार मां-बाप के लिए खाना बनाना मुमकिन नहीं था। 4-5 दिन पहले बुकिंग के बावजूद सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, तो अरुण 200 किलोमीटर दूर से छुट्टी लेकर गांव आए।

तड़के 3 बजे से शुरू हुई जंग
बुधवार की कड़कड़ाती सुबह, जब दुनिया सो रही थी, अरुण तड़के 3 बजे ही घर से निकल पड़े। करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर वह गैस एजेंसी पहुंचे। एजेंसी सुबह 10 बजे खुलनी थी, लेकिन कतार पहले ही लंबी हो चुकी थी। करीब 9 घंटे के इंतजार के बाद दोपहर 12 बजे उन्हें सिलेंडर नसीब हुआ।

प्रशासन की नींद टूटी
मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) राकेश तिवारी ने बताया कि मामले का संज्ञान लिया गया है और अरुण को सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया है। भविष्य में ऐसी दिक्कत ना हो, इसके लिए उन्हें सीधा संपर्क नंबर दिया गया है ताकि होम डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।

बड़ा सवाल
अरुण को सिलेंडर तो मिल गया, लेकिन यह घटना सवाल खड़ा करती है कि क्या एक आम आदमी को बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी अपनी नौकरी छोड़कर 200 किलोमीटर का सफर तय करना होगा और घंटों लाइन में लगना होगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *