5 नवंबर 2026 : पंजाब सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘मेरा घर मेरे नाम’ अभियान के तहत मोहाली के गांव मटरा और बठलाणा में 396 निवासियों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह ने लाभार्थियों को प्रॉपर्टी कार्ड सौंपे। इस पहल का उद्देश्य गांवों और शहरी क्षेत्रों में लाल लकीर के भीतर रहने वाले लोगों को उनके मकानों का कानूनी मालिकाना हक दिलाना है।
प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से लंबे समय से अपने घरों में रह रहे लोगों को संपत्ति से जुड़े दस्तावेजी अधिकार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इससे लाभार्थियों को भविष्य में संपत्ति संबंधी विवादों और कानूनी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
मटरा और बठलाणा के निवासियों को मिला लाभ
मटरा और बठलाणा गांवों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुल 396 निवासियों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए। विधायक कुलवंत सिंह ने लाभार्थियों को कार्ड सौंपते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि जिन लोगों के पास अपने घरों के मालिकाना हक से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें यह अधिकार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से लोगों को अपनी संपत्ति की पहचान और मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज प्राप्त होंगे। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई परिवार पीढ़ियों से अपने मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास संपत्ति के पुख्ता दस्तावेज नहीं होते।
क्या है मेरा घर मेरे नाम अभियान?
‘मेरा घर मेरे नाम’ अभियान पंजाब सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत गांवों और शहरों में लाल लकीर के भीतर आने वाले मकानों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक देने के लिए सर्वेक्षण और दस्तावेज तैयार किए जाते हैं।
लाल लकीर उन आबादी क्षेत्रों की सीमा को दर्शाती है, जहां गांवों के पुराने रिहायशी मकान स्थित होते हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले कई लोगों के पास जमीन या मकान के पारंपरिक दस्तावेज नहीं होते। इसके कारण उन्हें संपत्ति की खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस योजना के माध्यम से संबंधित विभागों द्वारा संपत्तियों की पहचान और सत्यापन किया जाता है। इसके बाद पात्र निवासियों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाते हैं।
मालिकाना हक मिलने से लोगों को होंगे कई फायदे
प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से लाभार्थियों को अपनी संपत्ति के रिकॉर्ड को प्रमाणित करने में मदद मिलेगी। इससे संपत्ति से जुड़े विवादों को कम करने और सरकारी रिकॉर्ड में मकान की पहचान सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है।
इसके अलावा संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध होने से भविष्य में बैंकिंग और अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं में भी सुविधा मिलने की संभावना रहती है, हालांकि इसके लिए संबंधित संस्थानों के नियम और पात्रता लागू होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्पष्ट दस्तावेज नहीं होने के कारण कई बार परिवारों के बीच विवाद पैदा हो जाते हैं। ऐसे में प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को अपने मकान से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद कर सकते हैं।
विधायक कुलवंत सिंह ने योजना के महत्व पर दिया जोर
विधायक कुलवंत सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को उनके अधिकार दिलाना और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ‘मेरा घर मेरे नाम’ अभियान के माध्यम से उन लोगों को राहत मिल रही है, जो लंबे समय से अपने मकानों में रह रहे हैं, लेकिन मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की कमी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने लाभार्थियों को प्रॉपर्टी कार्ड मिलने पर बधाई दी और कहा कि ऐसी योजनाओं से लोगों को अपने घरों के संबंध में कानूनी पहचान प्राप्त करने में मदद मिलती है।
ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल
मटरा और बठलाणा में 396 प्रॉपर्टी कार्डों का वितरण स्थानीय निवासियों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे पात्र परिवारों को अपने मकानों के रिकॉर्ड और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध होंगे।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना के दायरे में लाना है। आने वाले समय में अन्य गांवों में भी सर्वेक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया के आधार पर प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जा सकते हैं।
