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हरियाणा में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर सरकार का जोर, केंद्र और राज्य मिलकर चला रहे सशक्तिकरण के प्रयास: मंत्री राजेश नागर

5 नवंबर 2026 :  हरियाणा में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। यह बात हरियाणा सरकार में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के राज्य मंत्री राजेश नागर ने कही। वह यमुनानगर जिले के देवधर स्थित गुर्जर कन्या गुरुकुल संस्थान के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंत्री राजेश नागर ने कहा कि देश की आधी आबादी महिलाओं की है। ऐसे में देश और प्रदेश का संतुलित विकास तभी संभव है, जब महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बराबर भागीदारी का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से आरक्षण सहित विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं को केवल सामाजिक रूप से आगे बढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाना है।

राशन डिपो के संचालन में महिलाओं की भागीदारी

समारोह के दौरान राजेश नागर ने हरियाणा में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राशन डिपो के संचालन में महिलाओं को शामिल करके उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराना उनके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अपनी आमदनी कमाने और आर्थिक फैसले लेने का अवसर मिलता है, तो इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से समाज में उनकी भूमिका और निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। इसके लिए शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

गुर्जर कन्या गुरुकुल की शिक्षा व्यवस्था की सराहना

राजेश नागर ने देवधर स्थित गुर्जर कन्या गुरुकुल संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में आसपास के कई राज्यों से छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और इसकी प्रतिष्ठा पूरे देश में है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लड़कियों की शिक्षा बेहद जरूरी है। जब बेटियों को अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

उन्होंने संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों का विकास भी जरूरी है। इससे छात्राओं को भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है।

संस्थान को 21 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश नागर ने गुर्जर कन्या गुरुकुल संस्थान के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए 21 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। इस आर्थिक सहायता से संस्थान को अपनी सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे शिवालिक विकास बोर्ड के चेयरमैन ओम प्रकाश देवीनगर ने भी संस्थान के कार्यों की प्रशंसा की और 21 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी (शिकायत निवारण) भोपाल सिंह खदरी ने संस्थान को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का योगदान किया।

इस तरह कार्यक्रम के दौरान संस्थान के लिए कुल 53 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणाएं की गईं। यह आर्थिक सहयोग संस्थान के शैक्षणिक और विकास संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकता है।

मेधावी छात्राओं और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान

समारोह के दौरान गुर्जर समाज के नवनिर्वाचित आठ पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा मुख्य अतिथि राजेश नागर ने शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि देवधर गुरुकुल में बच्चों को शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से सक्षम व्यक्ति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक योगदान की सराहना की।

शिक्षा से ही समाज में आ सकता है बदलाव

संस्थान के संस्थापक पद्मश्री ओम प्रकाश गांधी ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियां भविष्य में समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए परिवारों और सामाजिक संस्थाओं को लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जगाधरी में सम्राट मिहिर भोज के नाम पर बच्चों के लिए एक गुरुकुल का निर्माण किया जा रहा है। यह संस्थान पूरी तरह आवासीय होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने शिक्षा, सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर अपने विचार रखे। समारोह में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, बेटियों को बेहतर शिक्षा देने और सामाजिक संस्थाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

मंत्री राजेश नागर के बयान से स्पष्ट है कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें विकास के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है। हालांकि, इन प्रयासों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि महिलाओं तक रोजगार, शिक्षा और आर्थिक अवसरों का लाभ कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है।

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