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जालंधर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया करवा चौथ, महिलाओं ने व्रत रखकर चांद देखकर खोला उपवास

30 अक्तूबर 2026:  पंजाब के जालंधर में गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विवाहित महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए दिनभर व्रत रखा। सुबह सरगी से शुरू हुई त्योहार की परंपराएं शाम को मंदिरों में पूजा और रात में चांद के दर्शन के साथ पूरी हुईं। महिलाओं ने छलनी से चांद और अपने पति का चेहरा देखकर जल अर्पित किया और इसके बाद व्रत खोला।

सुबह से ही बाजारों में दिखी रौनक

करवा चौथ से पहले ही शहर के बाजारों में त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई थीं। मेहंदी लगाने वाले स्टॉल, सौंदर्य केंद्र और मेकअप स्टूडियो में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। बाजारों में करवा चौथ से जुड़ी पूजा सामग्री, सजावटी सामान और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी भी हुई।

नई शादीशुदा महिलाओं और युवतियों में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। कई महिलाओं ने पारंपरिक कपड़े पहने और सोलह श्रृंगार कर त्योहार की तैयारियां पूरी कीं।

मंदिरों में महिलाओं ने की पूजा-अर्चना

शाम के समय जालंधर के विभिन्न मंदिरों में महिलाएं पूजा के लिए पहुंचीं। इस दौरान करवा चौथ की कथा सुनी गई और पारंपरिक रस्मों के तहत पूजा की थालियां एक-दूसरे के साथ बदली गईं।

मॉडल टाउन स्थित गीता मंदिर में भी महिलाओं ने एकत्र होकर चौथ माता की कथा सुनी और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की।

होटल और क्लबों में भी हुए कार्यक्रम

करवा चौथ के अवसर पर शहर के विभिन्न होटलों और क्लबों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर इन आयोजनों में हिस्सा लिया। कई जगह मनोरंजक गतिविधियां, खेल और करवा चौथ से जुड़े विशेष कार्यक्रम हुए।

कुछ आयोजनों में महिलाओं ने रैंप वॉक और सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया। त्योहार के कारण शहर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

चांद निकलने का रहा इंतजार

दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाओं को रात में चांद निकलने का इंतजार रहा। आसमान में धुंध और स्मॉग के कारण चांद दिखाई देने में देरी की आशंका भी थी। हालांकि, चांद नजर आने के बाद महिलाओं ने पारंपरिक विधि से पूजा की।

महिलाओं ने छलनी से चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखा। इसके बाद जल अर्पित कर पति के हाथों से पानी ग्रहण किया और अपना व्रत पूरा किया।

परंपरा और पारिवारिक जुड़ाव का त्योहार

करवा चौथ उत्तर भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। त्योहार की शुरुआत सुबह सरगी से होती है, जो आमतौर पर सास की ओर से बहू को दी जाती है।

दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को पूजा और कथा की परंपरा निभाई जाती है। रात में चांद देखने के बाद व्रत खोला जाता है। जालंधर में भी महिलाओं ने इन परंपराओं को उत्साह के साथ निभाया और परिवार के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

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