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चिरायु योजना का दायरा बढ़ा, अब 3 लाख से ज्यादा सालाना आय वाले परिवार भी करा सकेंगे 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

30 अक्तूबर 2026: हरियाणा सरकार ने मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए चिरायु-आयुष्मान हरियाणा योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। अब सालाना 3 लाख रुपये से अधिक आय वाले पात्र परिवार भी निर्धारित वार्षिक अंशदान देकर इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। विस्तारित योजना 1 नवंबर 2026 यानी हरियाणा दिवस से लागू होगी।

राज्य सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिल सकती है, जो अब तक आय सीमा के कारण सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दायरे से बाहर थे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने योजना के नए प्रावधानों की जानकारी दी है।

आय के आधार पर देना होगा सालाना अंशदान

नई व्यवस्था के तहत परिवारों को उनकी सत्यापित वार्षिक आय के अनुसार अंशदान देना होगा।

  • 3 लाख से अधिक और 6 लाख रुपये तक आय: 4,000 रुपये सालाना।
  • 6 लाख रुपये से अधिक आय: 5,000 रुपये सालाना।

इसके बदले पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल उपचार मिलेगा। परिवार की आय और पात्रता का सत्यापन परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटाबेस के माध्यम से किया जाएगा।

पहले 3 लाख रुपये तक आय वाले परिवार थे शामिल

इससे पहले चिरायु योजना के तहत 1.80 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक सालाना आय वाले पात्र परिवार 1,500 रुपये के वार्षिक अंशदान पर 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर प्राप्त कर सकते थे।

अब सरकार ने 3 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों को भी योजना में शामिल करने का फैसला किया है। इससे मध्यम और अधिक आय वाले परिवारों के लिए भी सरकारी स्वास्थ्य बीमा का विकल्प उपलब्ध होगा।

2,694 मेडिकल पैकेज के तहत मिलेगा इलाज

चिरायु योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के ढांचे के अनुरूप संचालित होती है। इसके तहत सर्जरी, मेडिकल उपचार और डे-केयर प्रक्रियाओं सहित कुल 2,694 उपचार पैकेज उपलब्ध हैं।

योजना के निर्धारित पैकेज में जरूरी दवाओं और जांचों का खर्च भी शामिल है। पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।

पहले से मौजूद बीमारियां भी होंगी कवर

योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पात्र परिवार में सदस्यों की संख्या और उनकी उम्र को लेकर कोई सीमा नहीं रखी गई है। पहले से मौजूद बीमारियों को भी निर्धारित प्रावधानों के तहत कवर किया जाएगा।

इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक की संबंधित जांच और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 15 दिनों तक के पात्र चिकित्सा खर्च भी योजना में शामिल होंगे।

किन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ?

सरकार ने कुछ श्रेणियों को योजना के विस्तारित दायरे से बाहर रखा है। केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं या अन्य निर्धारित सरकारी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने वाले परिवार पात्रता के नियमों के अनुसार इस योजना में शामिल नहीं होंगे।

हरियाणा सरकार के ऐसे कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके आश्रित, जिन्हें सरकारी स्तर पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति या कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है, भी इसके दायरे से बाहर रहेंगे। अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ऐसे कर्मचारी और पेंशनभोगी भी निर्धारित नियमों के तहत पात्र नहीं होंगे।

70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को भारत सरकार के प्रावधानों के अनुसार आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत कवर किया जाएगा।

1 नवंबर से लागू होगी नई व्यवस्था

हरियाणा सरकार के अनुसार, विस्तारित चिरायु योजना 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। पात्र परिवारों को वार्षिक अंशदान जमा कर योजना में शामिल होने का अवसर मिलेगा। लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होते समय आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नंबर या परिवार पहचान पत्र (PPP ID) उपलब्ध कराना होगा।

सरकार का कहना है कि इस विस्तार से अधिक परिवारों को महंगे अस्पताल उपचार के खर्च से आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अब मध्यम आय वर्ग के परिवारों की नजर योजना में पंजीकरण और कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पर रहेगी।

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