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CM नायब सैनी का किसानों को तोहफा, 2027-28 तक गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने का ऐलान

30 अक्तूबर 2026: हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देते हुए अगले दो वर्षों में गन्ने के राज्य निर्धारित मूल्य (SAP) में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि वर्ष 2026-27 के पेराई सत्र में किसानों को गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। वहीं, वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया जाएगा। फिलहाल वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल है।

पहले साल 15 और दूसरे साल 20 रुपये की बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री के अनुसार, गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। वर्ष 2026-27 में मौजूदा 415 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में 15 रुपये जोड़कर इसे 430 रुपये किया जाएगा। इसके बाद वर्ष 2027-28 में 20 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी के साथ कीमत 450 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगी।

इस तरह दो वर्षों में किसानों को कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। सरकार का कहना है कि पहले से दोनों सीजन के भाव घोषित करने से किसानों को खेती की योजना बनाने में आसानी होगी।

किसानों की आय में 11,300 रुपये तक बढ़ोतरी का अनुमान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा में गन्ने की औसत पैदावार सामान्यतः 700 से 800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहती है। यह लगभग 283 से 324 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर है।

इस उत्पादन के आधार पर वर्ष 2027-28 तक गन्ने के भाव में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से किसानों को वर्ष 2025-26 की दर के मुकाबले प्रति एकड़ प्रति पेराई सीजन लगभग 10,000 से 11,300 रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।

यह अनुमान औसत पैदावार के आधार पर लगाया गया है। वास्तविक लाभ किसान की जमीन, उत्पादन और गन्ने की आपूर्ति पर निर्भर करेगा।

डीजल, मजदूरी और खाद की बढ़ती लागत का दिया हवाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में विभिन्न किसान संगठनों के साथ हुई बैठकों में खेती की बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया गया था। किसानों ने डीजल, मजदूरी और खाद की कीमतों में वृद्धि के कारण आर्थिक दबाव की बात कही थी।

नायब सिंह सैनी के अनुसार, गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने से किसानों को बढ़ी हुई लागत का कुछ बोझ कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि बेहतर कीमत मिलने से किसान गन्ने की खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

चीनी मिलों को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की कीमत बढ़ाने का उद्देश्य केवल किसानों की आय में सुधार करना नहीं है, बल्कि चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध कराना भी है। गन्ने का उत्पादन बढ़ने से मिलों को अपनी क्षमता के अनुसार काम करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर गन्ने की उपलब्धता में कमी का भी जिक्र किया। सरकार के अनुसार, बेहतर मूल्य मिलने से किसान दूसरी फसलों की ओर जाने के बजाय गन्ने की खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।

किसान संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी रहेगी नजर

सरकार ने इस फैसले को किसानों के लिए राहत देने वाला कदम बताया है। हालांकि, बढ़ती खेती लागत और किसानों की विभिन्न मांगों के बीच इस बढ़ोतरी को लेकर किसान संगठनों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, हरियाणा सरकार ने अगले दो पेराई सीजन के लिए गन्ने की दरें घोषित कर दी हैं। अब किसानों की नजर नई दरों के लागू होने और चीनी मिलों की ओर से भुगतान व्यवस्था पर रहेगी।

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