21 अक्तूबर 2026: पंजाब के खरड़ में दशहरे का त्योहार धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। अज्ज सरोवर के पास राम मंदिर के नजदीक आयोजित दशहरा मेले में खरड़ और आसपास के गांवों से हजारों लोग पहुंचे। इस दौरान धार्मिक झांकियों से सजी शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और शोभायात्रा के चलते खरड़-चंडीगढ़ रोड पर यातायात प्रभावित हुआ। फ्लाईओवर के नीचे शाम करीब 4 बजे से 6 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया।
अज्ज सरोवर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
दशहरा मेले में परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए लोग कार्यक्रम स्थल पर एकत्र हुए। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई लोग छतों पर चढ़कर कार्यक्रम देखते नजर आए, जबकि बैठने की जगह पर भी भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी संदेश के साथ पुतलों का दहन किया गया। लोगों ने अपने मोबाइल फोन से कार्यक्रम के दृश्य रिकॉर्ड किए और उत्सव का आनंद लिया।
खरड़ में दशहरा और दिवाली का त्योहार विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस क्षेत्र का संबंध भगवान राम के दादा महाराजा अज्ज से जोड़ा जाता है। इसी वजह से अज्ज सरोवर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी बताया जाता है।
धार्मिक झांकियों ने खींचा लोगों का ध्यान
पुतला दहन से पहले निकाली गई शोभायात्रा ने खरड़ के बाजारों में उत्सव का माहौल बना दिया। इसमें विभिन्न देवी-देवताओं और धार्मिक प्रसंगों को दर्शाती आकर्षक झांकियां शामिल थीं। आधुनिक तकनीक और विशेष सजावट से तैयार झांकियों को देखने के लिए लोग सड़कों के किनारे जमा हो गए।
शोभायात्रा में सीता हरण और जटायु से जुड़ा प्रसंग प्रमुख आकर्षण रहा। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को भी लोगों ने खूब सराहा। कुल मिलाकर करीब 20 झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा।
लोगों ने झांकियों के सामने रुककर पूजा-अर्चना की और धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कई श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
दो घंटे तक यातायात रहा प्रभावित
शोभायात्रा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। शाम 4 बजे से लगभग 6 बजे तक खरड़-चंडीगढ़ रोड पर फ्लाईओवर के नीचे वाहनों की आवाजाही रुक गई।
लोगों ने अपने वाहन सड़क के किनारे रोक दिए, ताकि वे धार्मिक झांकियों को देख सकें। इसके चलते सड़क पर यातायात का प्रवाह बाधित हुआ। त्योहार के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने बाजार और आसपास के इलाकों में भी रौनक बढ़ा दी।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यातायात प्रभावित होने की जानकारी दी गई है, लेकिन जाम में फंसे वाहनों की कुल संख्या या वैकल्पिक मार्गों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सांसद राजा वड़िंग ने किया मेले का उद्घाटन
लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने दशहरा समिति की ओर से किए गए प्रबंधों और सामाजिक कार्यों की सराहना की।
समिति की ओर से जरूरतमंद परिवारों की लड़कियों की शादी में सहायता करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। सांसद ने इस नेक काम के लिए 7 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस पहल को सामाजिक सहयोग और जरूरतमंद परिवारों की मदद से जोड़कर देखा गया।
दशहरा मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक गतिविधियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ऐसे आयोजन त्योहारों के माध्यम से समुदाय को एक साथ लाने और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करते हैं।
एक सप्ताह तक चली रामलीला
दशहरा मेले से पहले खरड़ में करीब एक सप्ताह तक रामलीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए मुंबई से एक टीम बुलाई गई थी, जिसने विशेष प्रभावों और तकनीक का इस्तेमाल किया।
रविवार को आयोजित प्रस्तुति में भगवान हनुमान के संजीवनी लेकर उड़ने वाले दृश्य को दिखाने के लिए केबल और क्रेन का इस्तेमाल किया गया। इस दृश्य को देखने के लिए मौजूद दर्शकों ने जोरदार उत्साह दिखाया।
रामलीला के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया गया। इन कार्यक्रमों ने दशहरे के मुख्य आयोजन से पहले ही शहर में उत्सव का माहौल बना दिया था।
मोहाली में भी धूमधाम से मनाया गया दशहरा
खरड़ के अलावा मोहाली के विभिन्न क्षेत्रों में भी दशहरे के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेक्टर-79 में रावण का 100 फुट ऊंचा पुतला जलाया गया, जिसे मोहाली का सबसे ऊंचा पुतला बताया गया। पुतला दहन से पहले भगवान राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध का मंचन किया गया।
सेक्टर-77 में भी 85 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके अतिरिक्त शहर के कई अन्य स्थानों पर धार्मिक आयोजन हुए। मोहाली जिले में फेज-1, मटौर और बलौंगी सहित 25 से अधिक स्थानों पर पुतला दहन किया गया।
दशहरे के इन आयोजनों ने मोहाली और खरड़ में त्योहार की रौनक बढ़ा दी। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामाजिक सहयोग के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया।
