19 अक्तूबर 2026: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत में सुधार के बाद सोमवार, 19 अक्टूबर को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 98 वर्षीय आडवाणी को 16 अक्टूबर को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इलाज के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ, जिसके बाद उन्हें छुट्टी देने का निर्णय लिया गया।
आडवाणी अस्पताल में डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उपचार करा रहे थे। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी सेहत पर चिकित्सकों की टीम लगातार नजर रख रही थी। इससे पहले 17 अक्टूबर को अस्पताल ने बताया था कि उनकी स्थिति स्थिर है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में निगरानी में रखा गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आडवाणी की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक जगत और उनके समर्थकों की नजर उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी पर थी। उनके लंबे राजनीतिक जीवन और भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका के कारण वह देश के प्रमुख वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
बीजेपी के संस्थापक नेताओं में शामिल हैं आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख संस्थापक नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह कई बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। उनके नेतृत्व में पार्टी ने विभिन्न राज्यों में अपना संगठन मजबूत किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाई।
आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह वर्ष 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री रहे और 2002 से 2004 के बीच देश के उपप्रधानमंत्री का पद संभाला। उनके राजनीतिक सफर में संगठन निर्माण, चुनावी अभियान और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी भूमिका प्रमुख रही है।
राम रथ यात्रा से मिली राष्ट्रीय पहचान
आडवाणी की राजनीतिक यात्रा में वर्ष 1990 की राम रथ यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इस यात्रा ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाई और उस दौर की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला। इसके बाद बीजेपी के विस्तार और राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में उनकी भूमिका लगातार चर्चा में रही।
उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके दशकों लंबे राजनीतिक योगदान के लिए दिया गया था।
पहले भी अस्पताल में भर्ती हुए थे आडवाणी
आडवाणी को इससे पहले भी उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण चिकित्सा देखभाल की जरूरत पड़ी है। वर्ष 2026 में मई के दौरान भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024 में भी उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में उपचार और जांच के लिए जाना पड़ा था।
बढ़ती उम्र को देखते हुए उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है। हालांकि, मौजूदा अस्पताल में भर्ती होने की वजह सीने में संक्रमण बताई गई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने की खबर उनके परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के लिए राहत भरी है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आडवाणी को स्वास्थ्य में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उनकी आगे की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन चिकित्सकों की सलाह के अनुसार किया जाएगा। अस्पताल से छुट्टी मिलने का अर्थ यह है कि चिकित्सकीय टीम ने उन्हें अस्पताल में भर्ती रखकर उपचार जारी रखने की आवश्यकता नहीं समझी, हालांकि उनकी संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अतिरिक्त अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
